आईटीआई महेंद्रगढ़ में अब अनुदेशक बोर्ड पर चॉक चलाकर पढ़ाते नजर नहीं आएंगे।
अनुदेशक अब डिजिटल बोर्ड से प्रशिक्षुओं को पढ़ाएंगे। डिजिटल बोर्ड मोबाइल की तरह टच सिस्टम आधारित होगा। टच करते ही प्रोग्राम शुरू हो जाएंगे। अगर कुछ लिखना है तो भी अंगुली से ही लिख सकेंगे। मॉडल आईटीआई महेंद्रगढ़ में ऐसे दस डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं।
महेंद्रगढ़ आईटीआई को मॉडल आईटीआई का दर्जा मिला हुुआ है। इन आईटीआई में सरकार प्रशिक्षुओं के लिए सुविधा बढ़ा रही है। सरकार की ओर से आईटीआई में दस स्क्रीन टच डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। ये बोर्ड प्रोजेक्टर की तरह काम करेंगे। इस पर चॉक या मार्कर चलाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि अंगुली टच कर ही बोर्ड को चलाया जा सकेगा। जिस कलर से आपको लिखना है वो उस कलर का चयन कर सकेंगे। बिजली गुल होने पर यह बोर्ड इनवर्टर पर भी चलाया जा सकेगा। इसके साथ एक स्केनर भी लगाया गया है। अगर प्रशिक्षु को कोई डायग्राम समझाना है तो किताब को स्केनर पर रखकर स्केन किया जा सकता है। आईटीआई में दो कम्प्यूटर लैब भी स्थापित की गई है। जिनमें 20-20 कंप्यूटर लगाए गए हैं। सभी ट्रेड के विद्यार्थियों को कंप्यूटर भी सिखाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक ट्रेड में एक कंप्यूटर पीरियड भी दिया जाएगा। अभी आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रहा है।
इस बोर्ड पर लिखा गया हर एक चैप्टर रिकार्ड भी रहेगा। अगर अनुदेशक पिछले चैप्टर को देखना चाहें तो उसे देख पाएंगे। डिजिटल बोर्ड वाले कक्ष में सीसीटीवी भी होंगे। आईटीआई प्राचार्य या अन्य अधिकारी चाहेंगे तो पढ़ाई की प्रक्रिया को ऑनलाइन देख सकेंगे।
वर्जन:
आईटीआई में 10 डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं। इसके लिए दो कंप्यूटर लैब भी स्थापित की गई हैं। आईटीआई में एडमिशन लेने वाले प्रत्येक प्रशिक्षु को कंप्यूटर सिखाया जाएगा। प्रत्येक ट्रेड में कंप्यूटर का अलग से पीरियड होगा। नए बोर्ड के बारे में अनुदेशकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
-मनोज कुुमार, इंजीनियरिंग ड्राइंग अनुदेशक, आईटीआई, महेंद्रगढ़।