फोटो संख्या:55- पंडित ऋषि राज शर्मा --संवाद
कनीना। पंडित ऋषि राज शर्मा ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार कार्तिक शुक्ल द्वितीय तिथि का आरंभ दो नवंबर रात 8:20 बजे से रविवार रात 10:04 बजे तक है। ऐसे में भाई दूज का पर्व रविवार को मनाया जाएगा जबकि भाई दूज पूजन का समय दिन में कुंभ लग्न में 1:54 बजे से 3:22 बजे तक उत्तम रहेगा। भैया दूज का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है।
मान्यता है कि इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को आदर सत्कार के साथ भोजन कराया था। यमराज के वरदान अनुसार जो व्यक्ति इस दिन यमुना में स्नान तथा यम पूजन का भी बड़ा महत्व है। यमुना को सूर्य की पुत्री माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि वे सभी तरह के कष्टों को दूर करती हैं, इसलिए यम द्वितीया के दिन यमुना नदी में स्नान करना श्रेष्ठ है। यमुना और यमराज की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। तिलक के बाद, बहनें अपने भाई का मुंह मीठा कराना चाहिए और फिर इसके बाद भाई को नारियल और चावल देकर आरती उतारें और उनके भाग्योदय और लंबी उम्र की कामना करें।