फोटो नंबर-22खेतों का निरीक्षण करती कृषि विभाग व क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केन
अटेली/नांगल चौधरी। कृषि विभाग नारनौल व क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद की संयुक्त टीम ने वीरवार को खंड अटेली के गांव मिर्जापुर, बाछौद व भिलवाड़ा व खंड नांगल चौधरी के गांव जैनपुर, मौसमपुर, बिहारीपुर तथा नांगल कालिया का दौरा किया।
इस दौरान खंड अटेली व नांगल चौधरी के कुछ गांवों में रेड हेयरी केटरपिलर देखा गया है। यह बहुभक्षी कीट हैं जो खरीफ की सभी फसलों में तथा खरपतवार पर भी पाया जाता है।
कृषि विभाग व क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र की टीम ने बताया कि इस कीट की सुंडिया जब छोटी अवस्था में होती है तो ये एकत्रित रहकर पत्तों की निचली सतह पर नुकसान करती है तथा पत्तों को छलनी कर देती है। ये इधर-उधर अकेली घूमती रहती है तथा पत्तों को खाती है। लाल बालों वाली सुंडिया जुलाई के दूसरे पखवाड़े से अगस्त मास के अंत तक सक्रिय रहकर नुकसान करती है। दूसरी प्रजाति की बालों वाली सुंडी अगस्त से अक्तूबर तक भारी नुकसान करती है। उन्होंने बताया कि रेड हेयरी केटरपिलर खरीफ की सभी फसलों व खरपतवार की पत्तियों को खाकर नुकसान पहुंचा रहा है, लेकिन अभी यह इसकी शुरूआत है। इसलिए किसान इसके नियंत्रण के लिए इन तकनीकों को अपनाए। खेतों के आसपास खरपतवार इक्कठा न होने दे क्योंकि से कीड़े उन पर अंडे देते है व उन्हें वैकल्पिक होस्ट की तरह उपयोग करते हैं।
निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग नारनौल की ओर से सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डाॅ. हरपाल सिहं, अटेली कृषि विकास अधिकारी डाॅ. सुधीर यादव तथा क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद की ओर से पौधा संरक्षण अधिकारी लक्ष्मीचंद, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी सूरज बरनवाल व वैज्ञानिक सहायक लख्मीचंद उपस्थित रहे।