फोटो नंबर-24सफाई के अभाव में छलक में उगी घास व जमा गंदगी। संवाद
नारनौल। मानसून की शुरुआत के साथ ही शहर में बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने आने लगी है। नगर परिषद की ओर से मानसून से पहले छलक नाले की सफाई के किए गए दावे अब अधूरे दिखाई दे रहे हैं। कई जगह नाले की सफाई पूरी नहीं होने से बारिश का पानी रुक रहा है और सड़कों व मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन रही है।
नगर परिषद ने छलक नाले समेत अन्य नालों की सफाई के लिए करीब 32 लाख रुपये के टेंडर जारी किए थे। सफाई कार्य शुरू हुआ, लेकिन कई हिस्सों में काम अधूरा रह गया। नाले में जमा कचरा और गाद के कारण पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है।
शहर में बरसाती पानी निकासी का मुख्य साधन छलक नाला है। वर्ष 1992 की बाढ़ के बाद बनाए गए इस नाले की लंबाई निजामपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक है, जहां से पानी कृष्णावती नदी में जाता है। लेकिन शनि मंदिर के पास अधूरा निर्माण और कई स्थानों पर सफाई की कमी परेशानी बढ़ा रही है।
लोगों ने नगर परिषद से नाले की पूरी सफाई और अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग की है। कार्यकारी अधिकारी जोगेंद्र सिंह कालीरामणा ने बताया कि जहां भी पानी की रुकावट आती है, वहां तुरंत सफाई करवाई जा रही है और अधूरा काम भी जल्द पूरा कराया जाएगा।