फोटो नंबर- 20नई अनाज मंडी में बाजरे का उठान करते श्रमिक। संवाद
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नारनौल। नई अनाज मंडी में विजयदशमी के दिन भी गांवों के शेड्यूल के अनुसार बाजरे की खरीद जारी रही। गांववार शेड्यूल के चलते मंडी में बाजरे की आवक सीमित बनी हुई है। इससे किसानों को गेटपास और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ रहा। किसान कम समय में अपनी उपज बेचकर लौट रहे हैं।
हालांकि, जिन किसानों की पैदावार 40 क्विंटल से अधिक है और ई-खरीद पोर्टल पर भी इतनी ही मात्रा दर्ज है, उन्हें परेशानी हो रही है। शेड्यूल के अनुसार 40 क्विंटल बाजरा बेचने के बाद शेष उपज बेचने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
मंगलवार को मंडी में करीब 228 गेटपास जारी किए गए और लगभग 6200 क्विंटल बाजरे की आवक हुई। व्यापारियों ने बोली लगाकर बाजरे की खरीद 2300 से 2461 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की।
बेसहारा गोवंश से किसानों और व्यापारियों को परेशानी
नई अनाज मंडी में सब्जी मंडी की तरफ से बेसहारा गोवंश प्रवेश कर जाता है। इससे खुले में रखी बाजरे की ढेरियों और बोरियों को नुकसान पहुंच रहा है। गोवंश के आपस में लड़ने से हादसों का खतरा भी बना रहता है। व्यापारियों ने इस समस्या से बचने के लिए सब्जी मंडी की तरफ तारबाड़ करने की मांग की है।
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वर्जन :
गांवों के शेड्यूल के अनुसार सुगम व सुचारू रूप से बाजरे की खरीद की जा रही है। गोवंश को पकड़ कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए नगर परिषद को अवगत करवाया गया है। वहीं सब्जी मंडी की तरफ तार-बाड़ करवाई जाएगी
। -नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।