ओवरलोड वाहनों के विरोध में शहबाजपुर के ग्रामीणों ने बुधवार को 11 बजे नांगल चौधरी-दौंखेरा सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी ने ओवरलोड वाहन (हैवे) वापस राजस्थान भिजवा कर ग्रामीणों को शांत कराया और चार बजे मार्ग पर यातायात बहाल किया।
ग्रामीणों ने बताया कि दिलपुरा, नांगल मीना आदि राजस्थान की पहाड़ियों से रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन धोलेड़ा क्रेशर जोन पहुंचते हैं। इनमें ऊंचाई तक भरे पत्थर साइड लेने के दौरान गिरने की संभावना रहती है। पिछले दिनों पत्थर गिरने से एक बाइक चालक घायल हो गया था।
उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत भेजकर ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने की गुहार लगाई थी। अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया। बुधवार सुबह भी वाहन से भारी पत्थर खिसक गया। 3-4 ग्रामीण इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने नांगल चौधरी-दौंखेरा सड़क मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जाम की सूचना पर दोपहर 3.30 बजे बजे थाना प्रभारी मलखान सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। ग्रामीण सभी ओवरलोड वाहन वापस राजस्थान भिजवाने की मांग पर अड़ गए।
एसएचओ के आदेशानुसार ओवरलोड वाहन राजस्थान लौटे, उसके बाद ग्रामीण शांत हुए और चार बजे सड़क मार्ग से अवरोध हटाए। प्रदर्शनकारियों में रामसिंह, बलवंत, हनुमान, रवि कुमार और विनोद कुमार आदि ग्रामीण शामिल थे।
स्वास्थ्य एवं जानलेवा की संभावना बढ़ी
ग्रामीणों ने बताया कि वाहनों के आवागमन से गांव में धूल उड़ती रहती है। इससे ग्रामीणों का स्वास्थ्य भी प्रभावित होने लगा है। वाहनों की स्पीड से बच्चों के दुर्घटना का शिकार होने की संभावना बढ़ गई। प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत करवाया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि दोबारा यहां पर ओवरलोड वाहन आए तो उग्र आंदोलन करेंगे।
थाना प्रभारी मलखान सिंह ने बताया कि ओवरलोड वाहनों से ग्रामीणों को जानलेवा हादसे और बीमारी फैलने की संभावना बढ़ गई। परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाया है। जाम में फंसे सभी ओवरलोड वाहनों को राजस्थान भिजवाया गया और उन्हें अंडर लोड चलने की हिदायत दी है।