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Mahendragarh-Narnaul News: गांव पाली में हर घर में दो से तीन सैनिक

Tue, 26 May 2026 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:57 गांव पाली में लगा शहीद स्मार​क स्थल बोर्ड। संवाद
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महेंद्रगढ़। जिले का पाली गांव सैनिकों का गांव है। यहां के वीर हुकम सिंह तंवर ने सन 1961 में गोवा ऑपरेशन के दौरान युद्ध में वीरगति प्राप्त की थी। इसके बाद सरकार की ओर से उनको अशोक चक्र प्रदान किया गया था।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव के हर घर में दो से तीन सैनिक हैं। सभी में पीढ़ी दर पीढ़ी सैनिक बनने की परंपरा कायम है। वर्तमान में गांव के 500 से अधिक सैनिक देश के विभिन्न स्थानों पर देश की सेवा कर रहे हैं। 1,500 सैनिक सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
गांव के तीन सैनिक युद्ध में वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं। सबसे पहले सिपाही हुकम सिंह तंवर ने सन 1961 में गोवा ऑपरेशन के दौरान सैनिकों की जान बचाने के लिए शहीद हुए थे। शहादत के बाद उनकी माता सजना देवी को वीर जवान के अदम्य साहस के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अशोक चक्र सम्मान प्रदान किया।
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इसी तरह अलबाद सिंह चीन युद्ध के दौरान वाहन चलाते हुए शहीद हुए थे। वहीं, मनोहर सिंह ने पाकिस्तान के साथ हुए 1965 के युद्ध में शहादत प्राप्त की थी। इनके अलावा गांव निवासी कैप्टन भंवर सिंह को भी सेना मेडल प्राप्त है।
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संगठन बनाकर कर रहे समाजसेवा
पाली समेत 20 गांवों के पूर्व सैनिकों को मिलाकर बीजेआरडी पूर्व सैनिक वेलफेयर संगठन बनाया है। इसमें शामिल सभी पूर्व सैनिक समाजसेवा का कार्य करते हैं। बाबा जयरामदास मेले के दौरान सुरक्षा का जिम्मा पूर्व सैनिकों को सौंपा जाता है। साथ ही गांव में अनुशासन, युवाओं का उत्साहवर्धन करना और भाईचारा बनाए रखने में पूर्व सैनिक अहम भूमिका निभाते हैं।
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शहीदों के सम्मान बन रहा स्मारक
गांव के मुख्य रोड पर शहीद हुक्मसिंह के नाम पर शहीद स्मारक बनाया जा रहा है। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने इसके लिए 21 लाख रुपये का बजट दिलाया है जबकि विधायक कंवर सिंह ने चहारदीवारी बनवाने का जिम्मा लिया है। स्मारक का निर्माण चल रहा है। चार माह में स्मारक तैयार होने की बनने की उम्मीद है।

- हमारे घर में तीन पीढि़यों से सैनिक बन रहे हैं। फिलहाल 50 सैनिक सेवारत हैं। मैंने सेवा के दौरान वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को एनडीए की ट्रेनिंग दी थी। 13 देशों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं।- कृष्ण सिंह शेखावत, सूबेदार मेजर।
-गांव के नौजवान सैनिक से कैप्टन पद तक रहे हैं। गांव के प्रदीप शर्मा कर्नल हैं। विरेंद्र सिंह व कृष्ण कुमार मेहता कर्नल पद से सेवानिवृत्त हैं। कुंदनलाल शर्मा नेवी जज एडवोकेट हर चुके हैं। 10 युवक सेना में क्लर्क और 4 टेक्नीशियन पद पर भर्ती हुए हैं।-महिपाल सिंह, पूर्व सैनिक
- हमारा गांव संतों और वीरों का गांव हैं। सैनिकों ने सर्जिकल स्ट्राइक, प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध, कारगिल, ऑपरेशन एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर, 1948, 1962, 1971 के युद्ध में भाग लिया है। पूर्वजों के पदचिह्नों पर चलकर हम अपने देश को सुरक्षित रखने में योगदान दे रहे हैं।- विक्रम सिंह, कैप्टन।

गांव के युवा पूर्वजों से प्रेरित होकर सेना में भर्ती होने के प्रयास में लगे रहते हैं। इसी माह गांव के 14 युवा सेना में भर्ती हुए हैं। पाली में बनी अकादमियों में हरियाणा के साथ राजस्थान के युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं और देशसेवा का मौका पा रहे हैं।- प्रीतम तंवर, युवा प्रशिक्षक
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