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पांच हजार की जनसंख्या वाले नौ गांवों में लिंगानुपात एक हजार के पार

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जिले में पांच हजार की जनसंख्या वाले नौ गांवों का लिंगानुपात 1000 के ऊपर है, जबकि 12 गांवों में का लिंगानुपात 900 से 600 के बीच है। जिले में पिछले साल लिंगानुपात 902 रहा था।
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बता दें कि जिले में कई सालों से लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। हालांकि पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान लिंगानुपात 2019 की अपेक्षा कम रहा। साल 2019 में 916 तो साल 2020 में 902 रहा। इस साल स्वास्थ्य विभाग लिंगानुपात में सुधार को लेकर अभी से सतर्क हो गया है। विभाग अवैध तरीके से लिंग जांच करने वालों पर नजर रख रहा है। जनवरी में एक गिरोह के दो लोगों को पकड़ा भी गया था।
विभाग ने साल 2020 में गांव वाइज लिंगानुपात का अध्ययन किया है। इसमें पाया गया है कि पांच हजार से अधिक आबादी वाले नौ गांवों में लिंगानुपात काफी अच्छा रहा है। इसमें कुछ गांवों की आबादी 11 हजार तक भी है। विभाग का कहना हैं कि कम लिंगानुपात वाले गांवों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिन गांवों का लिंगानुपात अच्छा है, उन्हें सम्मानित करने की योजना है। एक हजार से अधिक लिंगानुपात वाले गांवों में दोंगड़ा अहीर, भोजावास, नांगल चौधरी, मंडी अटेली, खुड़ाना, कनीना और बसई शामिल हैं।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि अवैध लिंग जांच का एक केस इस साल पकड़ा गया था। उन्होंने बताया कि ऐसे गिरोहों पर नजर रखी जा रही है। आशा वर्कर्स को भी ऐसे गिरोहों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात सुधार के लिए कई कार्यक्रम चल रहे हैं। विभाग इसे लेकर गंभीर है। हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए गुप्त सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है।
साल 2014 से हो रहा सुधार, 2020 में हुआ कम
साल 2014 में जिले का लिंगानुपात 740 था। साल 2015 में पानीपत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जंग का एलान किया था। प्रशासन ने इसे लेकर काफी प्रयास किया था। इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला था। महेंद्रगढ़ जिले में लिंगानुपात वर्ष 2014 में 738, वर्ष 2015 में 809, वर्ष 2016 में 847, वर्ष 2017 में 881, वर्ष 2018 में 898 तथा वर्ष 2019 में 916 रहा है, जबकि वर्ष 2020 में 902 रहा।
पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में लिंगानुपात
गांव लड़का लड़की कुल लिंगानुपात
दोंगड़ा अहीर 25 38 63 1520
भोजावास 40 53 93 1325
नांगल चौधरी 53 68 121 1283
मंडी अटेली 42 50 92 1190
खुड़ाना 37 43 80 1162
कनीना 77 84 161 1091
पथरेडा 43 46 89 1070
बसई 66 67 133 1015
नांगल दर्गू 49 49 98 1000
पाली 70 66 136 943
भुंगारका 32 30 62 938
सीहमा 31 29 60 935
जिले में पहले से लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। इसे और बेहतर करने की दिशा में काम चल रहा है। लिंगानुपात मामले में हर स्तर पर नजर रखी जा रही है। अच्छे लिंगानुपात वाले गांवों में बोर्ड भी लगाए जाएंगेे। जिससे आम लोगों को भी इसकी जानकारी रहे।
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डॉ. अशोक कुुमार,सीएमओ नारनौल
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