गांव धनौंदा में आयोजित पंचायत में उपस्थित लोग।
कनीना। गांव धनौंदा में रविवार को बैठक आयोजित कर 71 सदस्यों की टीम गठित की गई। यह टीम मृतक विनोद के परिजनों को न्याय दिलाएगी। कमेटी का मुख्य उद्देश्य है कि इस मामले में कोई बेकसूर व्यक्ति को फंसने से रोका जाये तथा आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए। बीती 11 जून से गांव में अशांति का माहौल होने की वजह से पुलिस टीम तैैनात की गई है। लोग डर के साये में रह रहे हैं तथा गांव में अशांति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि विनोद उर्फ भाता हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ग्रामीण एसपी, आईजी से मिल चुके हैं लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस कार्रवाई ढीली होने की वजह से ही गांव के लोगों ने कमर कसी और गांव में जो भय का माहौल पैदा हो रखा है उसे खत्म करने का प्रयास किया गया। पूरा गांव एकजुट नजर आया। ग्रामीणों ने आज बैठक कर 71 सदस्य की कमेटी बना ली है जो मृतक विनोद के परिजनों को न्याय दिलवाएगी तथा कार्रवाई के लिए आगामी रणनीति तैयार करेगी।
गांव धनौंदा में आज रविवार को सुबह दस बजे बाबा दयाल आश्रम में पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। पंचायत की अध्यक्षता मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रतन सिंह ने की। उन्होंने कहा कि बीते समय हुए विनोद मर्डर मामले में जो लोग दोषी हैं उन्हें प्रशासन की ओर से कड़ी सजा मिले जबकि निर्दोष लोगों को शामिल न किया जाए। उन्होंने कहा कि दोषी बच न सके ओर निर्दोष फंस न सके। मा. रणजीत सिंह, सरपंच गुरुदयाल सिंह ने कहा कि घटना में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि बीती 11 जून को सरपंच व उसके साथियों ने एक 22 वर्षीय युवक विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी थी।