मंडी अटेली। गांव भीलवाड़ा के ग्रामीणों ने बिजली की परेशानी से तंग आकर शुक्रवार को गांव में स्थित 33 केवी सब स्टेशन का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। लगभग एक घंटे की घेराबंदी के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार रोहतास, बिजली विभाग के एसडीओ प्रदीप सोनी, थाना प्रभारी सतीश कुमार के समझा बुझाने के बाद ग्रामीण पावर हाउस से पीछे हटे। गुस्साए ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में पावर हाउस स्थापित होने के बाद भी बजिली नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार के दिन शेड्यूल के अनुसार ग्रामीणों को बिजली नहीं मिली तो ग्रामीणों के सामने पेयजल समस्या भी उत्पन्न हो गई जिससे उनका गुस्सा विभाग के प्रति फूट गया और एकाएक सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर महिला व पुरुषों ने पावर हाउस पर पहुंच कर वहां पर उपस्थित बिजली कर्मचारियों के सामने घेरा बंदी कर दी। ग्रामीण जितेन्द्र तोबडिय़ा, अजीत सिंह सरपंच, धर्मपाल पंच, श्योकरण, हितेश कुमार, हरद्वारी, अभय सिंह पंच, हनुमान, अरविंद, टोनी, सतीश, माया देवी, रामरति आदि ने बताया कि इस गर्मी के मौसम में मात्र दो घंटे बिजली उपलब्ध हो पा रही है वह भी कटों के माध्यम से मिल रही है। आज के दिन तो बिजली आई ही नहीं तो मजबूरवश उनको यह कदम उठाना पड़ा है। ग्रामीणों की मांग थी कि गांव के पावर हाउस से कई गांवों की सप्लाई चलती है किसी अन्य गांव में कोई तकनीकी खराबी हो जाती है तो उनके गांव की भी लाइट को गुल कर दिया जाता है।
उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा 33 केवी पावर सब स्टेशन से श्यामपुरा, कुंजपुरा, ताजपुर, फतेहपुर, राजपुरा, पृथ्वीपुरा, सैदपुर, नीरपुर आदि गांवों की सप्लाई चलती है। विभाग के अनुसार दोहपर 11 बजे से 1 बजे तक बिजली सप्लाई चालू करने का प्रावधान किया हुआ है। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए इसका शेडयूल दोपहर एक बजे से 3 बजे तक करने की बात कही। इसके साथ यहां स्थायी रूप से कर्मचारी तैनात करने। विभिन्न गांवों के अलावा गांव की सप्लाई को अलग किया जाए, ताकी अन्य गांवों की खराबी के साथ गांव की सप्लाई बंद न हो सके।
विभाग के एसडीओ प्रदीप सोनी ने ग्रामीणों की सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए वहां पर तैनात कर्मचारियों का तबादला व स्थायी रूप से पावर हाउस बिजली ठीक करने के लिए कर्मचारी तैनात तथा दोहपर 1 बजे से 3 बजे तक बिजली सप्लाई देने का आश्वासन दिया इसके उपरांत ग्रामीण शांत हुए।
किस कारण नहीं आई लाइट
बिजली पावर हाउस पर स्थायी रूप से कार्यरत कर्मचारियों का कहना था कि सुबह 10 बजे के करीब केबल बक्सा फट गया था जिस कारण बिजली सप्लाई बंद हो गई । उसको ठीक कराने के लिए नारनौल से नया केबल बक्सा लाया गया जिसके उपरांत बिजली सप्लाई को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा था कि ग्रामीण यहां पहुंच गए।