फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस ने रुकवाया खनन

Thu, 07 Jul 2016 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
mining
विज्ञापन
निजामपुर। गांव ब्राह्मणवास में दो दिनों से चल रहे खनन पर ग्रामीणों ने वीरवार को विरोध जताया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने खनन को रुकवा दिया। राजस्थान सीमा क्षेत्र के पास के गांव ब्रहामणवास नौ में जेसीबी व पौकलेंड मशीन के द्वारा दो दिनों से खनन कार्य किया जा रहा था। वीरवार को गांव के सरपंच पति सुरेश यादव, चिरंजी नम्बरदार, राकेश यादव, भरत सिंह ठेकेदार, लालचंद पूर्व पंच, पवन कुमार, धर्मबीर भगत जी आदि ने बताया की गांव के ही व्यक्तियों की करीब 45 कनाल जमीन पर बजरी निकालने के लिए खनन ठेकेदारों को दे दिया गया। बुधवार से इस कार्य को शुरू करने पर इस जमीन के आस पास के जमींदारों को खनन कार्य से आपत्ति हुई। इसकी सूचना सरपंच, जिला प्रशासन व पुुलिस को दी। जिसके बाद सरपंच पति व निजामपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची। उन्होंने इस खनन कार्य कि अनुमति दिखाने के लिए का ठेकेदार के कारिंदों ने कहा। जिस पर उन्होंने कहा की हमारे पास इसकी इजाजत है, बगैर इजाजत कोई कार्य नहीं किया जायेगा, मगर वे अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। इस पर आस पास के किसान लालचंद, हेतराम गुर्जर नारेहड़ी, चिरंजी नंबरदार, भरत सिंह ने विरोध जताया। वहीं उक्त किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन के पास वाली जमीन में बजरी का खनन होने बरसात में उनकी जमीन में कटाव होगा। वहीं उपजाऊ जमीन भी बंजर हो जायेगी। इससे हमें पैदावार नहीं मिलेगी। उक्त किसानों ने प्रशासन से मांग की कि यह बजरी खनन को रुकवाया जाये। बाद में कारिंदों द्वारा अनुमति पत्र न दिखाने पर पुलिस ने खनन कार्य रुकवा दिया।
विज्ञापन


ठेकेदार के कारिंदों को खनन कार्य बगैर अनुमति के बंद करने के लिए कहा है। अगर उनके पास अनुमति पत्र है तो दिखाये, साथ ही इस बारे में अधिकारियों को भी सूचित कर दिया है। -सुमन यादव सरपंच, ब्राह्मïणवास
पुलिस मौके पर गई है और वहां बगैर इजाजत खनन कार्य नही करने कि हिदायत दी गई है। जब तक वे अनुमति पत्र नहीं दिखाते, तब तक कार्य रोक दिया गया है। मामले की जानकारी खनन विभाग को भी दी गई है। -रामेश्वर, चौकी इंचार्ज, निजामपुर
विज्ञापन

मैं किसी काम से बाहर गया हुआ है। कार्यालय पहुंचने पर ही यहां खनन के लिए इजाजत दी गई है या नहीं, इस बारे में बता पाएंगे। -पंकज कुमार, खनन निरीक्षक, नारनौल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें