फोटो नंबर- 15सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में तीरंदाजी का अभ्यास करते खिलाड़ी। स्रोत-विभाग
नारनौल। वर्ष 2025 में जिले के खिलाड़ियों ने 50 से अधिक पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। अब खिलाड़ी खेल नर्सरियों में आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पसीना बहा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में तीरंदाजी, जूडो, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, हॉकी, स्विमिंग सहित अन्य खेलों के प्रशिक्षण के लिए 8 विभागीय व 30 निजी खेल नर्सरी संचालित हैं। इनमें करीब 1200 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
कुछ वर्षों में जिले के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है और महिला खिलाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि खेल सुविधाओं के अभाव के कारण खिलाड़ियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।
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प्रदर्शन के हिसाब से वर्ष 2025 अच्छा रहा और बहुत कुछ सीखने को मिला। आगामी प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास रहेगा।-भावना, तीरंदाजी खिलाड़ी
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वॉलीबॉल खेल नर्सरी शुरू होने के बाद मैंने बीते वर्ष से ही प्रशिक्षण शुरू किया है। नियमित अभ्यास से खेल में सुधार हुआ और राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहता हूं। -कर्मवीर, वॉलीबॉल खिलाड़ी
वर्जन :
गत वर्ष अनेक खेल प्रतियोगिताओं में 50 से अधिक पदक जीत कर खिलाड़ियों ने जिले का नाम रोशन किया। खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण के स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। -नरेंद्र कुंडू, जिला खेल अधिकारी, नारनौल