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धूल से परेशान युवक ने की आत्मदाह की कोशिश

Wed, 25 Jun 2014 12:52 AM IST
नारनौल
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गांव के बीच से गुजरने वाले वाहनों से उड़ने वाली धूल से परेशान धोलेड़ा निवासी युवक ने मंगलवार सुबह आत्मदाह की कोशिश की। पास खड़े लोगों ने तुरंत आग बुझाकर उसे जलने से बचाया और बीच रोड से उठाकर घर पहुंचा। इसके बाद युवक ने दोपहर में धोलेड़ा-नारनौल मार्ग के बीच में लेटकर वाहन रोक दिए, इससे जाम लग गया। घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी ने जल्द समाधान का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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धोलेड़ा के पास कई क्रेशर चलते हैं। इस कारण गांव से रोजाना सैकड़ों वाहनों का आवागमन रहता है। क्षमता से अधिक वजन के कारण यह ओवरलोड वाहन सड़कों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। क्रेशर और डंपरों से धूल उड़कर आवासीय मकानों में आ रही है और ग्रामीण परेशान हैं। हरीश चंद्र पुत्र का मकान गांव में सड़क किनारे स्थित है। हरीश चंद्र ने सोमवार को पुलिस से कार्रवाई की भी गुहार लगाई थी। पुलिस द्वारा सकारात्मक जवाब नहीं नहीं मिलने पर वह मंगलवार सुबह 7.30 बजे धोलेड़ा-नारनौल सड़क पर प्रदर्शन करने बैठ गया।

आत्मदाह की कोशिश भी की
किसी अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर सुबह 8.00 बजे हरीश ने अनपे कपड़ों में आग लगा दी। आधी शर्ट जलने के बाद ग्रामीणों ने आग बुझाई और उसे घर पहुंचा दिया। युवक करीब 12 बजे दोबारा सड़क मार्ग पर लेट गया और ट्रैफिक रोक दिया। उसने चेतावनी दी कि समाधान नहीं हुआ तो वह अपनी जान दे देगा। एक बजे थाना प्रभारी जसवंत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर युवक को रोड से हटवाने का प्रयास किया। हरीश किसी प्रशासनिक अधिकारी बुलाने की जिद्द पर अड़ रहा। करीब 2 बजे डीएसपी राजेश कुमार गांव में पहुंचे और उन्हें हरीश को आश्वासन देकर सड़क से उठाया। घर जाकर उन्होंने लिखित में समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद मार्ग पर यातायात सुचारु हुआ।
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मां की हालात गंभीर
पीड़ित युवक हरिश्चंद्र ने बताया कि सड़क पर मकान होने के कारण परिजनों को धूल से परेशानी झेलनी पड़ती है। डस्ट के कारण ही उसके पिता राम चंद्र की टीबी से मौत हो गई थी। अब मां लाली देवी भी डस्ट के कारण बीमार हैं और टीबी की चपेट में हैं। उनकी हालात गंभीर बनी हुई है। उसने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रामीणों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। सीएम, डीसी, एसपी और थाना प्रभारी को मामले से अवगत करवा चुका है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई इस संबंध में नहीं हुई है।

पहले भी चढ़ चुका है टावर पर
डस्ट से परेशान युवक हरीश पहले भी मोबाइल टावर पर चढ़कर न्याय की गुहार लगा चुका है। करीब एक माह पहले हरीश टावर पर चढ़ गया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे आश्वासन देकर नीचे उतरवाया था।

ओवरलोड वाहनों पर होगी कार्रवाई
ओवरलोड वाहनों से सड़क जर्जर होने के अलावा ग्रामीणों को धूल (डस्ट) का सामना करना पड़ रहा है। कार्रवाई के लिए आरटीए को पत्र लिखा जाएगा। पीड़ित द्वारा आत्मदाह करने की जानकारी नहीं है। समाधान का भरोसा देकर पीड़ित को संतुष्ट किया गया है। अब जल्द ही विभिन्न समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - डीएसपी राजेश कुमार
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