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इमरजेंसी टेक्नीशियन के बिना दौड़ रहीं एंबुलेंस

Sat, 26 Apr 2014 01:22 AM IST
नारनौल
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स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में ही एंबुलेंस बिना ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के दौड़ रही हैं। महेंद्रगढ़ जिले में चल  एंबुलेंस में से किसी में भी यह सेवा उपलब्ध नहीं है। कंट्रोल रूम पर रोजाना एंबुलेंस के लिए 50 कॉल्स आती हैं। इतने मरीजों को सिर्फ एंबुलेंस चालक के भरोसे ही हायर सेंटर शिफ्ट किया जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग ने दो साल पहले घोषणा की थी कि प्रदेशभर में सरकारी एंबुलेंस में ऑक्सीजन, बीपी ऑपरेट, सक्शन मशीन, फर्स्ट एड बॉक्स जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही मरीज को सफर के दौरान कोई परेशानी न हो उसके लिए हर एंबुलेंस में ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) कर्मचारी की ड्यूटी लगाने की बात कही थी। जिले में चल रही सभी 17 एंबुलेंस सिर्फ चालकों के भरोसे ही चल रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में ऐसी अव्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।


- 10 लाख आबादी पर 17 एंबुलेंस
महेंद्रगढ़ जिले में कुल 17 एंबुलेंस ऑन रोड हैं। इसमें 2 अटेली, 2 नांगल चौधरी, 2 महेंद्रगढ़ के अलावा कनीना, सीहमा, नांगल सिरोही, सतनाली और दौचाना के सरकारी अस्पताल को एक-एक एंबुलेंस मिली है। सामान्य अस्पताल नारनौल पर 3 सामान्य एंबुलेंस, एक एएलएस के अलावा 2 नवजात शिशु और उसकी मां को घर पहुंचाने के लिए स्पेशल वाहन हैं।
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कुछ दिन पहले तो इनमें से आधी एंबुलेंस की स्थिति ठीक हुई हैं। कई माह से यह खराब चल रही थी। हर एंबुलेंस के लिए दो चालक हैं। छह माह पहले एक नई एएलएस (एडवांस लाइफ स्पोर्ट) एंबुलेंस आई है। इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन अभी नहीं हो पाया है। सामान्य अस्पताल में जिला कंट्रोल रूम एक कमरे में स्थापित किया गया है। एंबुलेंस चालकों के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है।


जिले में करीब 37 इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन लगाने के लिए भर्ती प्रक्रिया की गई थी। मामला अभी लंबित चल रहा है। उच्चाधिकारियों से बातचीत कर शीघ्र ही समाधान करवाया जाएगा। एएलएस एंबुलेंस (एडवांस लाइफ स्पोर्ट) पर दो ईएमटी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। - डा. गुलशन अरोड़ा, सीएमओ नारनौल
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