ग्राम सखी अपना कार्य पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर करें। जिससे उन्हें अपने पर गर्व की अनुभूति हो तथा दूसरों केेे लिए मिसाल बन सके। यह बात सोमवार को स्थानीय सभागार में पुलिस महानिरीक्षक दक्षिण मंडल रेवाड़ी ममता सिंह ने पुलिस विभाग द्वारा आयोजित ग्राम सखी जागरूकता कार्यक्रम में कहे।
आईजी ने कहा कि निष्पक्षता के आधार पर कार्य करने में अनेक विवाद के घेरे में आने की संभावना होती है परंतु अनेक समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर हो जाता है। ग्राम सखी का कार्य अत्यंत जिम्मेदारी का है तथा एक उम्मीद रखी गयी है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी करेगी जिससे ग्राम सखी रखने के सपने को साकार रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सखी बेहतर कार्य करते हुए सामाजिक बुराइयों को दूर कर उज्ज्वल समाज के निर्माण में अपना सहयोग दें।
इस अवसर पर अतिविशिष्ट अतिथि उपायुक्त राजनारायण कौशिक ने कहा कि आज बिगड़ते लिंग अनुपात के कारण बनी भयावह स्थिति का जिम्मेदार हमारा समाज ही है। परिवार में बच्चों को ऐसा माहौल देना चाहिए जिससे लड़का व लड़की के मन में ऐसे विचार न आए कि यह कार्य केवल लड़का ही कर सकता है या लड़की।
पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर ने कहा कि प्रदेश के करनाल व महेन्द्रगढ़ में ही ग्राम सखी का चयन किया गया है। जिले में 439 ग्राम सखी है। कार्य के प्रति मार्ग दर्शन के लिए लगभग 800 बैठक की जा चुकी है, ग्राम सखियां अपने कार्य के प्रति निष्ठावान हो कर एक गांव में बुराइयों को समाप्त करने में सहयोग देने पर बल दिया जाएगा।
जिला प्रमुख राजेश देवी व नगरपरिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा इस पहल के माध्यम से महिलाओं को सम्मान देने का लक्ष्य निहित है। इस अवसर पर नेत्रहीन स्कूल की लड़कियों, इंडियन पब्लिक स्कूल बलाह कला के स्कूली बच्चों ने कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों को दर्शाता नाटक, पंचायत खाप निर्णय पर आधारित नाटक, सरस्वती स्कूल नारनौल द्वारा लोक नृत्य व डॉ. कृष्णा आर्य द्वारा बालिका व महिलाओं की प्रेरणा से संबंधित गीत प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित भी किया गया।