फोटो संख्या:52- गांव बाघोत में कथा के दौरान शिव-पार्वती की झांकी निकालते श्रद्धालु--स्रोत- आयो
कनीना। गांव बाघोत के बागेश्वर धाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शिव-पार्वती के विवाह की झांकी निकाली गई। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। कथा व्यास आचार्य राकेश कृष्ण शास्त्री ने शुकदेव परीक्षित संवाद का वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने समाज को संदेश दिया कि बड़े-बड़े कष्ट मां जगत जननी के पास लोग ले जाते हैं।
देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, लेकिन जगत जननी भी यही कहती हैं कि यदि घर में मां भूखी बैठी हो तो प्रसाद चढ़ाने का कोई फायदा नहीं। जिस घर में मां पिता की सेवा होती है वहां भगवान भी खुश होते हैं। झांकी में दिखाया कि पार्वती शंकर के पास जाती हैं और गले में फूलों की वरमाला डाल देती हैं।
इस दौरान शिवजी के बरात में शामिल भूत पिशाच का नृत्य, विवाह उपरांत शिवजी का भस्म होली प्रस्तुति हुई। इस दौरान कृष्ण शास्त्री नांवां, मास्टर पुरुषोत्तम, राजकुमार, मनोज, विकाश अत्री, मनीष, प्रिंस, दीपांशु, विकाश आदि मौजूद रहे।