महेंद्रगढ़। 25 दिनों से जेएलएन नहर में पानी नहीं आने से गांव देवास में बने जलघर के चार वाटर टैंकरों में से एक सूख गया है। दो में एक से दो फुट तक ही पानी है, जो दो दिन के लिए पर्याप्त है। ऐसे में अगर दो दिनों में नहरी पानी नहीं आया तो शहर की 50 हजार की आबादी के समक्ष जल संकट खड़ा हो सकता है। शहर में प्रतिदिन 135 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से 68 लाख लीटर पानी की आवश्यकता है, लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरत का आधा पानी ही दिया जा रहा है। एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। भीषण गर्मी के चलते जहां पानी की अधिक मांग है। वहीं विभाग अब पेयजल में कटौती कर रहा है। लगभग 50 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति तकरीबन 27 लाख लीटर पानी बोरवेल तथा 55 लाख लीटर पानी नहरी पानी पर आधारित है। ऐसे में नहरी पानी नहीं आने से लोगों को भी मांग के अनुसार आधा पानी मिल रहा है। शहर की आबादी को गांव देवास स्थित जलघर से पेयजल आपूर्ति होती है। जलघर में करीब 55 लाख लीटर पानी की क्षमता के बने चार टैंकों में से एक टैंक सूख चुका है। वहीं टैंक नंबर दो में भी महज एक फुट पानी ही शेष है। जबकि टैंक नंबर तीन व चार में तो सफाई के अभाव में बुरा हाल है। यह पानी पीने लायक भी नहीं है। दोनों ही टैंकों में वर्षों से सफाई नहीं की गई है। इससे शैवाल जमा हुआ है।
वहीं कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़ प्रदीप कुमार का कहना है कि 25 दिनों से नहरी पानी नहीं आने से परेशानी हो रही है। जलघर में दो दिन का पानी शेष है। उच्चाधिकारियों से बातचीत हो चुकी है रविवार तक नहरी पानी आने की संभावना है। नहरी पानी आने के बाद देवास जलघर में टैंकों का भरा जाएगा। नहरी पानी आने के बाद नियमित रूप से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।