जिले में अब कोरोना के गंभीर मरीज आने लगे हैं। ऐसे में कोविड-19 केयर सेंटर पटीकरा के अलावा नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू की सुविधा दी जा रही है। आईसीयू में पांच और 22 मरीज आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं।
बता दें कि जिले में कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में पिछले साल सात बेड का आईसीयू वार्ड बनाया गया था। जिससे की गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा मिल सके। आईसीयू में सात वेंटिलेटर और पांच एस बेड वेंटिलेटर हैं। नागरिक अस्पताल में मरीजों व अन्य लोगों का आवागमन होने के कारण इस साल से पहले इसे शुरू नहीं किया गया था। आइसोलेशन वार्ड के पास कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा था, लेकिन कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए नागरिक अस्पताल के नए भवन की दूसरी मंजिल पर कोरोना आइसोलेशन वार्ड दोबारा से शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही आईसीयू वार्ड है। यहां पर सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है।
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में 22 मरीज भर्ती है। उन्होंने बताया कि पांच मरीज आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर है। उन्होंने बताया कि लगातार कोरोना के गंभीर मरीज आ रहे है। इसी को ध्यान में रखकर तैयारियां की जा रही है। अस्पताल में ऑक्सीजन जरूरत के अनुसार उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से कोरोना को लेकर जारी हिदायतों का पालन करने कहा।
एमएस ने ली डॉक्टरों की बैठक
नागरिक अस्पताल की एमएस डॉ. आशा शर्मा ने बुधवार दोपहर 12 बजे डॉक्टरों के साथ बैठक की। इसमें फ्लू कार्नर, ओपीडी और गायनी वार्ड को लेकर चर्चा हुई। डॉ. शर्मा ने डॉक्टरों से कहा कि कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे में मरीजों के उपचार के दौरान पूरी सावधानी बरते। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के टेबल पर फाइबर सीट लगाने की योजना है। जिससे कोई भी सीधे डॉक्टर के संपर्क में न आने पाए। इसके अलावा गायनी वार्ड में विशेष सतर्कता बरतने को कहा।