महेंद्रगढ़। नारनौल स्थित नागरिक अस्पताल में 17 थैलेसीमिया मरीज इलाज करा रहे हैं। एक साल से विभाग की ओर से अस्पताल में संचालित आईसीएचएच सेंटर मरीजों के लिए जीवन का सारथी बना है। अब मरीजों को भी उपचार के लिए अन्य जिलों की भागदौड़ से राहत मिली है।
जिले में हर सीएचसी पर थैलेसीमिया जांच के लिए सैंपल लेने की सुविधा है लेकिन जांच के लिए सैंपल रोहतक भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी स्तर पर संदिग्धों के सैंपल लिए जाते हैं। रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर मरीजों को नारनौल में उपचार प्रदान किया जाता है।
विभाग की ओर से थैलेसीमिया मरीजों के लिए इंटीग्रेटेड सेंटर फोर हीमोग्लोबीनोपैथीज एंड हीमोफीलिया यानी आईसीएचएच बनाया गया है। इस विशेष वार्ड में मरीजों की जांच व उपचार किया जाता है। फिलहाल 17 मरीजों का उपचार जारी है और इसमें जिले के साथ राजस्थान के सटे हुए हिस्से भी मरीज उपचार करवा रहे हैं।
अस्पताल में एक साल पहले ही थैलेसीमिया मरीजों के लिए पीआरबीसी यानी पैक्ड रेड ब्लड सेल्स भी उपलब्ध हैं और मरीजों को इसके लिए भी बाहर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। सेंटर में पीडियाट्रिशियन और फिजिशियन दोनों ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
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विशेषज्ञों की राय
- शादी से पहले थैलेसीमिया टेस्ट जरूर करवाएं।
- अगर दंपति थैलेसीमिया से पीड़ित है तो गर्भावस्था में भ्रूण की जांच करवाएं।
- जन्म के बाद बच्चे का रंग फीका, थकावट, चेहरे पर सूजन आदि लक्षण मिले तो चिकित्सक से जांच कराएं।
- अगर लड़का या लड़की थैलेसीमिया से पीड़ित है तो जीवनसाथी थैलेसीमिया मुक्त रहना चाहिए।
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- वर्जन:
जिले में फिलहाल 17 मरीज थैलेसीमिया से पीड़ित हैं और इनमें बच्चे व बड़े दोनों ही उपचार करवा रहे हैं। फिलहाल किसी मरीज को शहर से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है और समय पर संदिग्धों के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है।
-डाॅ. संगीता यादव, जिला नोडल ऑफिसर, नागरिक अस्पताल, नारनौल