नारनौल। विवाह के एक वर्ष के भीतर महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अदालत ने आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी की अदालत ने गंभीरता से लेते हुए कहा कि आरोपी को जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है।
महिला ने करीब एक वर्ष पहले उमेश नामक युवक के साथ प्रेम विवाह किया था। आरोप है कि पति नशे का आदी था। वह विवाह के बाद पत्नी पर मायके से पैसे व जमीन में हिस्सा लेने का दबाव बनाता था। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी उत्पीड़न में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। अब सुनवाई के दौरान अदालत ने उमेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।