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वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में हो रहा इजाफा, रोजाना नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे 75-100 मरीज

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जिला नागरिक अस्पताल में ब्लड सेंपल लेते कर्मचारी। - फोटो : Narnol
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बारिश के मौसम में जिले के लोग मच्छर जनित बीमारियों के अलावा वायरल बुखार से भी जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 15 अगस्त 42 व 16 अगस्त 47 वायरल बुखार के मरीज आए थे। ओपीडी में भी रोजाना करीब 75 से 100 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। 16 अगस्त को ओपीडी 1159 थी।
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बता दें कि एक सप्ताह से मौसम में बदलाव आया है। बारिश के बाद तेज धूप व उमस के कारण लोग तेजी से वायरल बुखार की चपेट में आना शुरू हो गए हैं। नमी व तापमान के कारण वायरल का प्रकोप अधिक रहता है। सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों में बुखार के काफी मरीज आ रहे हैं। हालांकि अभी मलेरिया व डेंगू के मरीज सामने नहीं आए हैं।
खास बात यह है वायरल बुखार के उतर जाने के बाद कई दिनों तक शरीर से कमजोरी नहीं जाती। साथ ही घर के एक सदस्य को वायरल बुखार होने पर परिवार के दूसरे लोगों को भी चपेट में आ जाते हैं। जिला अस्पताल में फिजिशियन डॉ. सुरेंद्र मित्तल ने बताया कि बारिश में तापमान में अचानक बदलाव होने की वजह से वायरल सक्रिय हो जाता है और तेजी से फैलता है। उन्होंने बताया कि खांसी और जुकाम के लक्षण होते ही डॉक्टर को जरूर दिखाएं। उन्होंने बताया कि करीब 10-15 दिनों से अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि वायरल फीवर में भी प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत रहती है। प्लेटलेट्स होने पर डॉक्टर से सलाह लेकर आराम करें। इस मौसम में दूषित जल और खुले में बिकने वाले खाने के पदार्थ से भी गेस्टोइंटाइटीस, टाइफाइड, पीलिया और हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।
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बढ़ रहे हैं बुखार के मरीज
जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं। रोजाना ओपीडी में करीब 100-120 मरीजों की एचबी टेस्ट हो रहा है ताकि प्लेटलेट्स की जानकारी मिल सके। इमरजेंसी में दस अगस्त को 14, 11 को 33, 12 को 50, 13 को 27, 14 को 24, 15 को 42 और 16 को 47 वायरल बुखार के मरीज आए थे। दूसरी ओर ओपीडी में रोजाना करीब 75 से 100 मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। 16 अगस्त को ओपीडी 1159 थी। बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप रहता है। अभी नप समेत अन्य ने फॉगिंग शुरू नहीं कराई है।
प्लेटलेट्स कम होना डेंगू नहीं
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि प्लेटलेट्स कम होना डेंगू नहीं है। उन्होंने कहा कि बुखार में प्लेटलेट्स कम होना आम बात है। प्लेटलेट्स लगातार कम हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लेकर आराम करें। उन्होंने कहा कि अभी जिले में डेंगू या मलेरिया का कोई केस नहीं आया है।
लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार वायरल के मुख्य लक्षणों में सर्दी, जुकाम और बुखार प्रमुख हैं। इसके अलावा गले में संक्रमण और दर्द के लिए भी यह जिम्मेदार हो सकता है।
सात दिन तक रहता है बुखार
- टेस्ट रिपोर्ट में जानकारी नहीं मिलती की यह कौन सा बुखार है
- मरीजों को झेलनी पड़ सकती है कमजोरी
- चार से सात दिन तक परेशान करता वायरल बुखार
- एक को वायरल होने पर घर के अन्य सदस्य आ जाते हैं चपेट में
इन बातों का ख्याल रखें
- बारिश के मौसम में साफ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। पानी को उबालकर व छान कर पीना चाहिए।
- बाहर खुले में बिकने वाले खाने से भी परहेज करना चाहिए।
- इस मौसम में सब्जियां भी प्रदूषित हो जाती हैं। अच्छी तरह धुलकर व उबालकर खाना चाहिए।
मौसम में लगातार बदलाव से सभी को सचेत रहने की जरुरत। लापरवाही बरतने से बीमारी हो जाती है। जिला अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में भी वायरल के मरीज आ रहे हैं। प्लेटलेट्स कम होने से लोग घबराएं नहीं।
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- डॉ. राजेश कुमार, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल।
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