मांगों को लेकर नारेबाजी करते फार्मासिस्ट।
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फार्मासिस्ट की हड़ताल से सोमवार को मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे जिला अस्पताल पीएचसी व सीएचसी पर भी लोगों को परेशानी हुई। दूसरी ओर एसोसिएशन ऑफ सरकारी फार्मासिस्ट ने डीआरओ के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद डिप्टी स्पीकर को भी ज्ञापन दिया। उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने मांग की है कि वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए, पदोन्नति व नए पद भरे जाए। इसके अलावा डिप्टी डायरेक्टर फार्मेसी पद भरा जाए।
सचिव नरेश कुमार ने बताया कि पदनाम बदलकर फार्मेसी आफिसर किया जाए व शैक्षणिक योग्यता बी-फार्मेसी की जाए। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। मंगलवार को भी फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहेंगे। फार्मासिस्ट की हड़ताल होने से नागरिक अस्पताल में मरीजों को दवाईयां लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधक ने दो फार्मासिस्ट को दवा वितरण में लगाया था, लेकिन उन्हें भी स्थिति संभालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि छह इंटर्न फार्मासिस्ट काम पर नहीं आने से दवा वितरण में समस्या हुई। दो फार्मासिस्ट के सहारे मरीजों को दवा देने का प्रयास किया गया। बता दें कि फार्मासिस्ट की हड़ताल से सात सीएचसी, 18 पीएचसी और दो नागरिक अस्पतालों में दवा वितरण का कार्य प्रभावित हुआ।
फार्मासिस्ट की हड़ताल को देेखते हुए अनुभवी नर्सों व एएनएम को दवा वितरण कार्य में लगाया गया है। जिले में सात सीएचसी, 18 पीएचसी और दो नागरिक अस्पतालों में दवा वितरण का कार्य मंगलवार को सुचारु रुप से होगा। इसके लिए इंतजाम किए गए हैं।
- डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन, नारनौल।