कसमोली आगराखाल थौल के पहले दिन छात्र-छात्राओं को जल, जन और वन को लेकर किया जागरूक
नरेंद्रनगर (टिहरी)। कसमोली आगराखाल थौल के पहले दिन राजकीय इंटर कॉलेज दुआधार और फकोट के छात्र-छात्राओं को पदमश्री डॉ़ कल्याण सिंह रावत ने जल, जन और वन को लेकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में प्राचीन जल स्रोतों को बचाने लिए स्थायी समाधान किए जाने की आवश्यकता है।
तीन दिवसीय कसमोली आगराखाल थौल के शुभारंभ पर छात्रों को संबोधित करते हुए पदमश्री डॉ़ रावत ने कहा कि प्लास्टिक के बढ़ते प्रयोग से पर्यावरण को खतरा पैदा होने के साथ मनुष्य में कैंसर के अलावा कई अन्य बीमारियां भी जन्म ले रही हैं। प्लास्टिक को सीमित करने के लिए सरकारों को जनता के साथ मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे। कहा कि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य हैं उन्हें इस मुहिम को आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभानी होगी तभी प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा सकेगा।
कसमोली आगराखाल थौल समिति के प्रबंधक सुरेंद्र कंडारी ने बताया कि जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग, व्यापार मंडल आगराखाल, पहाड़ी पैडलर्स, ऑफ रोड कैंप, मैती आंदोलन के संयुक्त प्रयास से कस्मोली आगराखाल थौल का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने थौल में आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर प्रधानाचार्य चतुरलाल, गजेंद्र रमोला, दीपक जुयाल, डॉ़ डीएन रतूड़ी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र कंडारी, निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य दयाल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।