नारनौल। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ की राज्य कमेटी की ओर से लिए गए फैसले को लेकर मंगलवार को हेमसा पदाधिकारियों की बैठक डीईओ कार्यालय नारनौल में हुई। बैठक में हेमसा के राज्य सचिव अनिल कुमार यादव ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें कोई नई नहीं है।
उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को डीएसई पंचकुला घेराव में महेंद्रगढ़ जिले के कर्मचारी भी शामिल होंगे। हेमसा का राज्य प्रतिनिधि मंडल प्रधान संदीप सांगवान और महासचिव हितेंद्र सिहाग के नेतृत्व में अधिकारियों से अनेक बार बैठक कर चुका है लेकिन आश्वासन के अलावा कर्मचारियों को कुछ नही मिला।
कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में अब डीएसई पंचकूला के कार्यालय के घेराव को लेकर जिले में कार्यरत लिपिक वर्गीय कर्मचारियों से संपर्क शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को प्रदेश के शेष जिलों में भी डीईओ के माध्यम से डायरेक्टर शिक्षा सदन पंचकूला के नाम 11 फरवरी के हल्ला बोल प्रर्दशन का नोटिस सौंपा जाएगा। कर्मचारी नेता ब्रह्म प्रकाश ने कहा कि लंबित मांगों को लेकर इस बार कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
कर्मचारियों की यह हैं मांगें
ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की समीक्षा एवं तत्काल स्थानांतरण, खाली पदों पर पदोन्नतियां, एसईटीसी में छूट, योग्यता अनुसार उच्च पदों पर समायोजन, कठिन क्षेत्र नूंह, मोरनी स्पेशल भत्ता 10 हजार, वर्क लोड अनुसार नए पद सृजित करना, पुरानी पेंशन बहाली, हरियाणा वेतन आयोग का गठन, पांच हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम राहत, एक्सग्रेसिया में लगाई गई शर्त हटाने, एसीपी 5-10-15 प्रमोशनल पदानुसार, आरक्षित बैकलाॅग, नियमितिकरण की नीति एवं स्थाई भर्ती, निजीकरण पर रोक व सातवें वेतन आयोग में पे मैट्रिक्स लेवल छह अनुसार लिपिक को 35,400 बेसिक मानकर वेतन देने आदि की मांगें हैं। बैठक में डीईओ और डीईईओ कार्यालय के उप अधीक्षक, सहायक, लिपिक सहित फील्ड के कर्मचारी उपस्थित थे।