नारनौल। इस साल अब तक जिले में बिजली की खपत में करीब 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका प्रमुख कारण इस साल बारिश कम होना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई करने से अधिक बिजली की खपत हुई है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 3 करोड़ 34 लाख यूनिट बिजली की अधिक खपत हुई है। मौजूदा वर्ष यानी 2026 में जनवरी और फरवरी में अब तक करीब 24 करोड़ 43 लाख यूनिट की खपत हुई है।
वहीं पिछले वर्ष यानी 2025 की जनवरी और फरवरी माह में 21 करोड़ 9 लाख यूनिट की खपत हुई थी जबकि फरवरी में अभी एक सप्ताह शेष है साथ ही आगामी दिनों में बिजली की खपत में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
इस साल कम हुई बारिश
इस साल जनवरी व फरवरी में किसान बारिश का इंतजार करते रहे। हालांकि जनवरी के अंत व फरवरी के मध्य बारिश हुई लेकिन गत वर्ष की तुलना में बहुत कम रही। इस कारण किसानों को स्वयं फसलों की सिंचाई करनी पड़ी। 2025 में जनवरी व फरवरी के दौरान जिले में 15.24 मिमी बारिश हुई थी। वहीं इस साल अब तक केवल 7 मिमी बारिश हुई है।
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बारिश नहीं होने के कारण घंटे के हिसाब से मूल्य पैसे देकर सरसों की सिंचाई करनी पड़ी। इस कारण फसल की लागत में प्रति एकड 3 से 4 हजार रुपये की अतिरिक्त लागत आई है। -किसान मनोज कुमार, गांव गढ़ी महासर
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खेत में गेंहू की फसल लगा रखी है, सरसों की तुलना में गेंहू में अधिक सिंचाई करने की जरूरत होती है लेकिन बारिश नहीं होने के कारण सिंचाई करनी पड़ी। गत वर्ष अच्छी बारिश हुई थी जिसके चलते सरसों की बहुत कम सिंचाई करनी पड़ी थी।-किसान राकेश, गांव नसीबपुर
वर्जन :
पिछले साल की तुलना में इस बार जिले में बिजली की खपत ज्यादा हुई है लेकिन इसके चलते को परेशानी नहीं हुई हैं। हमारा प्रयास है कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे। गर्मियों के दिनों में बिजली की खपत में बढ़ोतरी रहती है। -जोगेंद्र हुड्डा, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम, नारनौल