महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए यूरोपीय संघ की ओर से वित्तपोषित प्रतिष्ठित इरासमुस कार्यक्रम के अंतर्गत पहली बार अनुदान प्राप्त किया है। यह परियोजना इरासमुस केए 71 (इंटरनेशनल क्रेडिट मोबिलिटी) कार्यक्रम के तहत स्वीकृत हुई है।
यह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग भौतिकी, एप्लाइड साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अंशू शर्मा व पावोल जोजेफ शफारिक विश्वविद्यालय, कोसिसे, स्लोवाकिया के डॉ. मिरोस्लैव अलमासी संयुक्त प्रयासों से स्थापित हुआ है।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने डॉ. अंशु शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह सहयोग विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान को सशक्त करेगा।
डॉ. अंशु शर्मा ने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य हकेंवि व पावोल जोजेफ शफारिक यूनिवर्सिटी के बीच अंतविषयक सहयोग को बढ़ावा देना है। इस परियोजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय के दो संकाय सदस्य, दो पीएच.डी. शोधार्थी स्लोवाकिया जाकर प्रशिक्षण व शोध कार्य करेंगे, जबकि पावोल जोजेफ शफारिक विश्वविद्यालय के दो संकाय सदस्य हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे।
इरासमुस केए 171 कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी को सुदृढ़ करना है जिसके अंतर्गत छात्र एवं संकाय गतिशीलता, संयुक्त शोध व संस्थागत सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है। जिससे प्रतिभागियों को बिना आर्थिक बाधा के अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त हो सके।