नारनौल। जिले की सात मंडियों में आगामी 1 अक्तूबर से बाजरे की खरीद शुरू की जाएगी। बाजरे की खरीद को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
नारनौल और नांगल चौधरी सहित दो मंडियों में हैफेड द्वारा और कनीना, सतनाली, महेंद्रगढ़ और अटेली सहित चार मंडियों में वेयर हाउस द्वारा बाजरे की खरीद की जाएगी। बाजरे की खरीद के लिए टोकन और गेट पास की व्यवस्था मार्केट कमेटी के द्वारा की जाएगी। जिसको लेकर मार्केट कमेटी को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जिन मंडियों में पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था बदहाल है, उनको दुरूस्त करने के लिए मार्केट कमेटी ने तैयारियां शुरू कर दी है।
जिले की सभी मंडियों में सभी गांवों की फसल एक साथ खरीदी जाएगी। किसान लगातार मांग कर रहे थे कि बाजरे की खरीद प्रत्येक दिन पांच गांवों के शेड्यूल के हिसाब से की जाए। क्योंकि सरसों की खरीद के समय आवक ज्यादा थी और उठान कम था। जिस कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। वहीं मार्केट कमेटी अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक दिन केवल पांच गांवों की फसल खरीदने में काफी समय लगेगा। इसलिए सभी गांवों की फसल एक साथ खरीदी जाएगी ताकि सीमित समय में क्षेत्र के सभी किसान अपनी फसल को बेच सकें।
निर्धारित मानक तक ही की जाएगी बाजरे की खरीद
नई मंडी में बाजरे की खरीद केवल वही किसान बेच सकते हैं जिन्होंने रजिस्ट्रेशन करवाया है। किसान केवल उतनी ही फसल बेच सकते हैं, जितने का रजिस्ट्रेशन करवाया गया है। एक बार में निर्धारित करीब 40 क्विंटल बाजरे की ही खरीद की जाएगी। अगर किसी किसान की फसल रजिस्ट्रेशन 55 क्विंटल है और और पैदावार भी 55 क्विंटल है तो उस किसान को अपनी फसल बेचने के लिए दो बार मंडी आना पड़ेगा। वहीं किसान अपनी फसल की नमी को अच्छी तरह से सूखा कर मंडी लेकर आएं क्योंकि निर्धारित मानक से ज्यादा नमी पाए जाने पर बाजरे की खरीद नहीं की जाएगी।
नई अनाज मंडी में सभी व्यवस्थाओं को जल्द किया जाएगा दुरूस्त
नारनौल में बाजरे की खरीद नांगल चौधरी रोड पर स्थित नई अनाज मंडी में की जाएगी। नई अनाज मंडी में फसल को बारिश से बचाने के लिए दो टीन शेड बने हुए हैं और प्रत्येक टीन शेड में 50 हजार बोरियों को रखने की क्षमता है। लेकिन मंडी में पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था बदहाल है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि 30 सितंबर तक सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा ताकि किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पडे़।
बाजरे की खरीद किस एजेंसी द्वारा की जाएगी, इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नारनौल और नांगल चौधरी में हैफेड द्वारा और कनीना, सतनाली, महेंद्रगढ़ और अटेली में वेयर हाउस द्वारा सरसों की खरीद की जाएगी। 1 अक्तूबर से सभी गांवों की फसल खरीदी जाएगी ताकि सीमित समय में क्षेत्र के सभी किसान अपनी फसल को बेच सकें। नई मंडी में सभी व्यवस्थाओं को 30 सितंबर तक दुरूस्त कर दिया जाएगा।
नुकुल यादव सचिव, मार्केट कमेटी , नारनौल।