कोर्ट के आदेश पर हटाए गए गेस्ट टीचरों ने रोजगार बचाने के लिए शिक्षामंत्री के गृह जिले से बुधवार को हुंकार भरी। देवीलाल पार्क में महापड़ाव कर पहले ही दिन आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। इस दौरान वक्ताओं ने मंच से सरकार पर तीखा हमला बोला। गेस्ट टीचरों के महापड़ाव को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। 20 पुलिस कंपनी, 10 डीएसपी और एसपी भी मौके पर तैनात रहे।
महापड़ाव को सर्व कर्मचारी संघ और हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने भी समर्थन दिया है। प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब तक उन्हें रेग्युलर नहीं किया जाता तब तक महापड़ाव नहीं उठेगा। प्रदेशाध्यक्ष ने मंच से कहा कि हक के लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। अगर उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गई तो इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। वहीं संघ के जिला प्रधान दिनेश यादव ने महापड़ाव को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने झूठ बोला और अपने वादे से मुकर गए।
धर्म परिवर्तन के लिए दिया शपथ-पत्र
झज्जर जिला के गेस्ट टीचर संजीव ने बुधवार को महापड़ाव के पहले दिन कोर कमेेटी को हलफनामा सौंपा कि उसे धर्म परिवर्तन से कोई एतराज नहीं है, अगर सरकार उनका रोजगार वापस नहीं लौटाती है। वहीं संजीव ने भूख हड़ताल के लिए भी कोर कमेटी को अपना आवेदन दिया है।
वहीं गेस्ट टीचरों के महापड़ाव को कई सरकारी कर्मचारी यूनियनों के नेताओं ने अपना समर्थन दिया। उन्होंने महापड़ाव पर बैठे अध्यापकों को संबोधित करते हुए बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की। इस दौरान हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान प्रदीप सरीन, हरियाणा कर्मचारी महासंघ के संजीव मंदौला, सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान महेंद्र सिंह, हरियाणा कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ सलाहकार शक्ति सिंह सिवाच, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान जगन्नाथ ने अपना समर्थन दिया।