महेंद्रगढ़। गांव देवास में कृषि जागरूकता और महिला सशक्तीकरण पर शुक्रवार को शिविर लगाया गया। कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ तथा हिंदुस्तान गम एंड केमिकल्स भिवानी ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।
कार्यक्रम में 250 महिलाओं ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने कहा कि सुरक्षित भंडारण खाद्यान्न सुरक्षा में अहम भूमिका रखता है। उन्होंने महिलाओं को घरेलू उपायों के द्वारा अनाज, दालों के भंडारण की विधियां बताई।
डॉ. बीडी यादव ने बताया की वैज्ञानिक जानकारी न होने के कारण बहुत से किसान ग्वार फसल की पूरी पैदावार नहीं ले पाते तथा पुराने, रुढ़िवादी तरीके अपनाने के कारण हर साल नुकसान उठा रहे हैं। उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाकर ग्वार फसल के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने महिलाओं को ग्वार की उन्नत किस्में जैसे एचजी 365, एचजी 563 तथा एचजी 2-20 से बिजाई करने की सलाह दी।
कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. पूनम यादव ने बताया की जिले में किशोरियों व महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को स्थानीय उपलब्ध खाद्य पदार्थों द्वारा निर्मित प्रोटीन, लौह, विटामिन ए व ऊर्जा से भरपूर पौष्टिक व्यंजनों के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया की इन पौष्टिक व्यंजनों को घर पर बनाना न केवल आसान है, अपितु सस्ता भी पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बाजरे की पौष्टिकता तथा इससे तैयार किये जाने वाले व्यंजनों जैसे नमकीन सेव, मटर, केक आदि को तैयार करने की विधि बताई गई। बाजरे के मूल्य संवर्धित उत्पाद पौष्टिक होने के साथ-साथ कम कीमत के भी होते है। सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे चौलाई, बथुवा, पालक, मेथी, फूलगोभी के पत्ते आदि बीटा कैरोटीन विटामिन सी व लौह तत्व के अच्छे स्त्रोत्र है। कार्यक्रम में पशु चिकत्सक डाॅ. मनोज यादव ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्म निर्भर होने के लिए पशुपालन के लिए जागरूक किया। डाकघर अधिकारी विनोद ने महिलाओं को जानकारी दी।