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Mahendragarh-Narnaul News: 30 से अधिक गांवों के भूजल स्तर में 20 फीट से अधिक का हुआ सुधार

Fri, 11 Jul 2025 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:54- झगडौली नहर में छोड़ा गया पानी--संवाद
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महेंद्रगढ़। बरसाती सीजन में नहरों में मिलने वाले अतिरिक्त दो नदियों के लिए तीन साल से वरदान साबित हो रहा है। 30 गांवों में भूजल स्तर में 10 से 20 फीट तक सुधार हुआ
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महेंद्रगढ़ व नारनौल ब्रांच से इन दोनों नदियों तक भूमिगत पाइप लाइन दबाकर बरसाती सीजन में प्रतिदिन औसतन 700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तीन साल से जुलाई से सितंबर तक नहरों में अतिरिक्त पानी मिलता है।
पांच सालों के दौरान क्षेत्र में तीन माह मिलने वाले अतिरिक्त नहरी पानी से भूजल स्तर सुधार के लिए बड़े स्तर पर प्रयास हुए हैं। नहर एवं सिंचाई विभाग, सूक्ष्म सिंचाई विभाग की ओर से जिले में नहरी पानी से भूजल स्तर सुधार के करीब 350 जोहड़ खोदकर नहरी पानी से जोड़ा गया था।
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वहीं जिले में वर्षभर नहरी पानी से भूजल रिचार्ज के लिए 130 बोरवेल भी नहरों, जोहड़ों व तालाबों के किनारे बनाए गए हैं जो वर्षभर भूजल स्तर रिचार्ज का काम करेंगे। बरसाती सीजन के दौरान वर्ष 2020 में 80 दिन, 2021 में 90 दिन, वर्ष 2022-23 में 100 दिन जबकि 2024 में यह पानी बरसाती सीजन में 110 दिन मिला था।
तीन सालों में महेंद्रगढ़ जिले को जेएलएन नहर से बारिश के मौसम में मिलने वाले अतिरिक्त पानी को भूमि की गहराई में पहुंचाने के लिए जिले में विभिन्न परियोजनाएं तैयार की गई हैं। इससे दौहान व कृष्णावती नदियों को भी नया जीवन मिला है। मध्य हरियाणा को इस सीजन में पानी की जरूरत नहीं होती है।
ऐसे में उस पानी को दौहान व कृष्णावती नदी में डाला जा रहा है। दोनों नदियों में 50 से अधिक इंजेक्शन प्रणाली लगाई गई है। इससे आसपास के क्षेत्र में जलस्तर में काफी सुधार आया है। वहीं गांव मानपुरा करीब 30.98 लाख रुपये से तैयार कृष्णावती नदी में बारिश का अतिरिक्त छोड़ा छोड़ने की परियोजना भी तीन साल भूजल स्तर सुधार रही है। इसमें करीब 11.7 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली गई।
महेंद्रगढ़ के साथ लगते गांव देवनगर में डैम का भी भूजल स्तर सुधार में मुख्य भूमिका निभा रहा है। दौहान में नहरी पानी छोड़ने से आसपास गांवों में 200 से अधिक ठप पड़े बोरवेल में भी पानी आने से शुरू हो चुके हैं। गांव देवनगर में 50 से अधिक ठप बोरवेल शुरू हो गए हैं। साथ ही गांव बेरी, भांडोर ऊंची, भांडोर नीची, देवास, चितलांग, डुलाना, बुचौली, माजरा खुर्द सहित करीब 30 गांवों में भूजल स्तर में 10 से 20 फीट तक सुधार हुआ है। हकेंवि में भी अप्रैल के दौरान 1.48 करोड़ रुपये खर्च कर तैयार की गई परियोजना में भी पानी पहुंचाना शुरू कर दिया है। इससे आसपास पांच गांवों को राहत मिलेगी।

- वर्जन:
बरसाती सीजन के दौरान करीब तीन माह महेंद्रगढ़ जिले को अतिरिक्त पानी मिलता है। इस पानी को भूजल स्तर सुधार के रूप में उपयोग किया जाता है। दौहान और कृष्णावती नदी के लिए अलग-अलग भूमिगत पाइप लाइन डाली गई थी। साथ ही भूजल स्तर सुधार के लिए करीब 350 जोहड़ों को भी नहरी पानी से जोड़ा जा चुका है। - आशुतोष यादव, अभियंता नहर विभाग
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