महेंद्रगढ़। सिंचाई विभाग की दौहान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार की गई 13 करोड़ रुपये की परियोजना अंतिम चरण में चल रही है। इस परियोजना को दिसंबर तक पूरा करने के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है।
परियोजना पूरी होने के बाद 15 गांवों के भूजल स्तर में सुधार के प्रयास शुरू किए जाएंगे। सिंचाई विभाग की ओर से जवाहरलाल नेहरू नहर (जेएलएन) के एनबी-1 झगड़ोली पंप हाउस से 60 क्यूसिक पानी की क्षमता वाली भूमिगत पाइप लाइन दबाकर गांव माजरा दौहान क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। जुलाई माह में इस परियोजना पर काम शुरू किया गया था जो युद्ध स्तर पर जारी है। 1600 एमएम परिधि वाले सीमेंटेड पाइपलाइन से 60 क्यूसिक पानी दौहान क्षेत्र में छोड़ा जा सकेगा।
इन गांवों के भूजल स्तर में सुधार की जगी उम्मीद
सिंचाई विभाग की यह परियोजना माजरा कलां, माजरा खुर्द, भगड़ाना, सिगड़ी राजपूत, झूक, अगिहार, सिसोठ, लावन, मालड़ा बास, मालड़ा सराय, बवाना, जाट, भुरजट, पाली, पालड़ी-पनिहारा गांवों में गिरते भूजल स्तर में सुधार के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इन गांवों में वर्तमान समय में भूजल स्तर 200 से 400 फीट गहराई तक पहुंच चुका है। इन गांवों की करीब छह हजार एकड़ भूमि पर बने करीब 50 प्रतिशत बोरवेल भी पिछले 10 साल में फेल हो चुके हैं। माजरा से नदी क्षेत्र में भगड़ाना, लावन, पाली, जाट की सीमा तक पानी पहुंचेगा।
लगातार गिरते भूजल स्तर में होगा सुधार
नहर एवं सिंचाई विभाग की ओर से दौहान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए दो वर्ष पूर्व परियोजनाएं तैयार की गई थीं। इनके माध्यम से बारिश के मौसम में 3 माह जिले को मिलने वाले अतिरिक्त पानी को दौहान नदी क्षेत्र में छोड़ना शुरू कर दिया है। पिछले साल गांव देवास स्थित दौहान क्षेत्र में नहरी पानी छोड़ा गया था, जिसके कारण दौहान क्षेत्र के आसपास के ट्यूबवेलों में भी 10 से 20 फीट तक भूजल स्तर ऊपर आया था। कई बंद पड़े बोरवेल भी पुन: शुरू हो चुके हैं।
जुलाई में इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया गया था, जो दिसंबर तक पूरा किया जाना है। 60 क्यूसिक पानी की क्षमता वाली यह 4.6 किलोमीटर लंबी लाइन भूमिगत डाली जा रही है। जेएलएन पर गांव झगड़ोली स्थित एनबी-1 से जोड़ी जाएगी। इस परियोजना के लिए एक वर्ष का समय निर्धारित किया गया लेकिन इसे दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, नहर एवं सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।