नारनौल की अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू नहीं होने से परेशान किसानों ने कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को ज्ञापन सौंपकर समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करवाने की मांग की। कृषि मंत्री मंगलवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारनौल के वार्षिकोत्सव समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने अनाज मंडी का दौरा भी किया तथा मंडी में सरसों बेचने आए किसानों की समस्या भी सुनी। उन्होंने किसानों से कहा कि उनके अनाज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इस दौरान कृषि मंत्री ने हैफेड व मार्केट कमेटी अधिकारियों को अनाज मंडी में पड़ी किसानों की सरसों को खरीदने के आदेश दिए। कृषि मंत्री ने स्वयं किसानों की सरसों के सैंपल लेकर अधिकारियों से नमी की जांच करवाई।
गौरतलब है कि मंडियों में सरसों की आवक शुरू हुए काफी दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। जिसकी वजह से किसान अपनी सरसों को सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 3700 रुपये से काफी कम में मजबूरी में बेचना पड़ रहा है।
नारनौल मंडी में हैफेड अधिकारियों द्वारा सरसों की खरीद नहीं करने से गुस्साए किसानों ने सोमवार सायं को मंडी के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर भी अपना विरोध जताया था। इस दौरान अधिकारियों ने किसानों की सरसों मंगलवार को खरीदने का आश्वासन देकर तालाबंदी खुलवाई थी। लेकिन मंगलवार को भी सरसों नहीं खरीदी गई तो किसान क्रोधित हो गए और वे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नारनौल के वार्षिकोत्सव में पहुंचे कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से कार्यक्रम के बीच में ही मिलने पहुंच गए तथा मंडी में सरसों की खरीद नहीं होने की बात कही। इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों व पुलिस कर्मचारियों ने किसानों को मंत्री से कार्यक्रम के बाद मिलने की बात कहकर उन्हें कॉलेज से बाहर ले गए। इसके बाद किसान कालेज के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे किसानों को पुलिस ने हटाने का भी प्रयास किया लेकिन किसान कृषि मंत्री से मिले बिना वापस जाने को तैयार नहीं हुए। इसी दौरान मंत्री के पास से सूचना आई वे कार्यक्रम के बाद मंडी में ही उनकी समस्या सुनने के लिए पहुंचेंगे।
तीन बजे खरीद शुरू पांच बजे बंद
किसानों ने बताया कि सोमवार को जब वे मंडी स्थित हैफेड कार्यालय में बैठे अधिकारी से सरसों की खरीद शुरू करने की अपील तो उन्होंने बारदाना नहीं आने की बात कहकर मना कर दिया। करीब तीन बजे बारदाना आया। उसके बाद खरीद शुरू हुई और पांच बजे बंद कर दी गई। इस पर किसानों ने और खरीद करने की मांग तो अधिकारी ने अभद्रता से जवाब दिया।
सरसों से अटी पड़ी अनाज मंडी
मंडियों में करीब दस दिनों से सरसों की आवक हो रही है। इसके चलते मंडियां सरसों से अटी पड़ी है। वर्तमान में नारनौल की अनाज मंडी की हालात यह है कि यहां से वाहन निकालने के लिए भी जगह नहीं है। एक ओर से मंडी पूरी तरह से सरसों की ढेरियों से अटी पड़ी है।
मंडी व्यापारी कम कीमत में खरीद रहे सरसों
सरकार द्वारा सरसों का समर्थन मूल्य 3700 रुपये घोषित किया गया है। परंतु सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से मंडी व्यापारी किसानों की सरसों 3300 से 3400 के भाव में खरीद रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
अधिकारियों की सांठगांठ से हो रही खरीद
अनाज मंडी में पिछले तीन दिन से सरसों की खरीद की बांट जोह रहे किसानों ने बताया कि अनाज मंडी में हैफेड अधिकारियों व मंडी व्यापारियों की सांठगांठ से खरीददारी हो रही है। किसानों ने बताया कि व्यापारी उनकी सरसों 3300-3400 रुपये खरीद कर लेते हैं और फिर अधिकारियों से सांठगांठ कर सरसों सरकारी समर्थन मूल्य 3700 रुपये उन्हें बेच देते हैं।
समर्थन मूल्य से कम में अपने अनाज को न बेचे किसान
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किसानों से अपील की है कि वे अपने अनाज को सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से कम में न बेचे। सरकार उनका एक-एक दाना खरीदेगी। इस वर्ष 7.5 करोड़ क्विंटल गेहूं खरीदने का टारगेट रखा गया है। वहीं सभी प्रकार की फसलों को मिलाकर कुल 13 करोड़ क्विंटल अनाज सरकार खरीदेगी।
किसानों ने मंत्री के समक्ष रखी समस्याएं
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के मंडी दौरे के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि वे पिछले तीन-चार दिन से अपनी सरसों को लेकर अनाज मंडी में बैठे हैं। परंतु अनाज मंडी में किसानों के बैठने, आराम करने, खाने व शौच आदि करने के लिए कोई सुविधा नहीं है। इससे उन्हें भारी परेशानी हो रही है। किसानों ने बताया कि हैफेड अधिकारी उनकी सरसों में नमी की मात्रा अधिक बताकर सरसों नहीं खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि हैफेड द्वारा नमी को नापने के लिए लाई गई मशीन में तकनीकी खराबी है। इसके चलते मशीन किसानों की सरसों में नमी की मात्रा अधिक दिखा रही है।
सरसों बेचने के लिए नारनौल मंडी आया था लेकिन हैफेड द्वारा नमी की मात्रा अधिक बताकर खरीदने से मना कर दिया है। - ओमप्रकाश, कारोली
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पिछले तीन दिनों से मंडी में सरसों बेचने के लिए बैठे हैं, परंतु हैफेड अधिकारी उनकी ढेरियों तक पहुंचने से पूर्व ही खरीद बंद कर देते है। -धर्मबीर, आकोली
मंडी में सरसों की आवक काफी समय से शुरू है। परंतु अभी तक सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई। इससे उन्हें दोहरी मार पड़ रही है।- रघुबीर, गुलावला
हैफेड अधिकारी ने मंगलवार को सरसों खरीद करने की बात कही थी लेकिन आज भी उनकी सरसों नहीं खरीदी गई है। -विक्रांत यादव, खतरीपुर