मार्केट कमेटी ने खरीफ फसल की सरकारी खरीद के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर बार की तरह इस बार भी महेंद्रगढ़, सतनाली, कनीना, अटेली, नारनौल और नांगल चौधरी की मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद की जाएगी। चने की खरीद सतनाली, नारनौल और नांगल चौधरी की अनाज मंडियों में की जाएगी।
विधानसभा सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने 21 मार्च से रबी की फसलों की सरकारी खरीद शुरू करने की बात कही थी। मगर 21 मार्च से खरीद शुरू करने से संबंधित विभाग के पास पत्र नहीं आया है, जबकि 28 मार्च से सरकारी खरीद शुरू करने का पत्र आया है। ऐसे में 28 मार्च से रबी की फसल की सरकारी खरीद शुरू होगी। इस बार भी हैफेड और वेयर हाउस द्वारा फसलों की खरीद की जाएगी। खरीद शुरू होने से पूर्व मार्केट कमेटी विभाग ने मंडियों में मूलभूत सुविधाओं जैसे पीने की पानी, शौचालय, बैठने के लिए स्थान आदि की व्यवस्था करने में जुट गया है, ताकि खरीद के दौरान किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बता दें कि रबी की फसल में मुख्य रूप से जिले में सरसों, गेहूं, चना व जौ की बिजाई की जाती है। गत वर्ष सरसों के भाव काफी अधिक होने के कारण जिले के किसानों द्वारा इस बार सरसों की अधिक बिजाई की हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस बार जिले में कुल 2 लाख 70 एकड़ भूमि पर सरसों की बिजाई की गई है, जबकि 70 हजार एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई की गई। जिले में कुल 3 लाख 60 हजार एकड़ भूमि पर फसल उगाई जाती है। इस प्रकार 20 हजार एकड़ में जौ, चना व अन्य फसलों की बिजाई की गई है। वर्तमान में कई जगह सरसों कटाई का कार्य शुरू हो गया है। आगामी कुछ दिनों में किसान अपने अनाज को बेचने के लिए मंडियों में पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इसके चलते मार्केट कमेटी विभाग ने खरीद को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार ने 5050 रुपये तय किया है एमएसपी
सरकार की तरफ से इस बार सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 निर्धारित किया गया है। जबकि गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015, चने का 5230, जौ का समर्थन मूल्य 1635 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जिले में खरीफ फसल में मुख्य रूप से सरसों, गेहूं, चना व जौ की बिजाई की जाती है। सरसों फसल की खरीद हैफेड और वेयर हाउस द्वारा की जाएगी।
बाजार भाव से काफी कम है सरसों का एमएसपी
सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जबकि बाजार में सरसों भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुकाबले में 950 रुपये प्रति क्विंटल कम है। वर्तमान समय में बाजार में सरसों का भाव 6000 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। वहीं किसानों को उसकी फसल की राशि भी उसी समय मिल जाती है। जबकि सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचने के कई दिन बाद किसानों को उसकी फसल की राशि मिल पाती है। ऐसे में किसान अपनी फसल को कम दाम में सरकार को क्यों बेचेेगा।
सरसों खरीद की तैयारी शुरू कर दी है। नई अनाज मंडी खरीद की जाएगी। जहां किसानों के बैठने, विश्राम करने, पीने के पानी आदि की व्यवस्था करवाई जा रही है। मार्केट कमेटी का कार्यालय भी नई मंडी में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में खरीद के दौरान किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। नुकुल यादव, सचिव मार्केट कमेटी नारनौल।