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महिला कॉलेज में गलत भर्ती मामले में सरकार ने शुरू की कार्रवाई

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सेवाएं समाप्त करने के लिए भेजे गए आदेश की प्रति। - फोटो : Narnol
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नारनौल के राजकीय महिला महाविद्यालय के चर्चित खेल सामग्री खरीद घोटाले व पांच पदों पर भर्ती मामले की सीएम विंडों में की गई शिकायत पर सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में गांव धौलेड़ा निवासी संदीप उर्फ टोनी की शिकायत पर उच्चतर शिक्षा निदेशालय की विजिलेंस टीम की जांच के बाद उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने भर्ती मामले में संज्ञान लिया है। जबकि सामान घोटाले की जांच अभी आनी बाकी है।
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16 दिसंबर को उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के नाम एक आदेश पत्र जारी करके महिला महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य आरके यादव की दो बेटियों ममता और समता की सेवाएं तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के आदेश दिए हैं। जबकि इसी शिकायत की जांच के आधार पर पिछले माह 9 नवंबर 2021 को आउटसोर्स के तहत कार्यरत रेस्टोरर की सेवाएं भी तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी हो चुके हैं। रेस्टोरर पद पर पूर्व प्राचार्य ने अपने चचेरे भाई की पुत्रवधू सुनीता को लगाया था। इन पदों के अलावा लेखा विभाग में क्लर्क पद पर अपने चचेेरे भाई सुमेर को लगाया था। भर्ती मामले में विभाग की विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद सुमेर सिंह स्वयं ही कॉलेज नहीं जा रहे हैं।
क्या है मामला
गांव धौलेड़ा के संदीप उर्फ टोनी ने 8 सितंबर 2020 को सीएम विंडों के माध्यम से एक शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी थी। जिसमें टोनी ने लिखा था कि नारनौल के महिला महाविद्यालय में कार्यरत प्राचार्य आरके यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महाविद्यालय में अपनी दो पुत्रियों ममता व समता को लेक्चरर पद पर नियुक्ति दे दी है। ममता और समता की नियुक्ति मामले में टोनी ने जांच के दौरान उनके शिक्षा संबंधी प्रमाण विभाग को सौंपे थे। जबकि टोनी ने सीएम विंडों में की गई शिकायत में पूर्व प्राचार्य पर चचेरे भाई की पुत्रवधू सुनीता को लॉकडाउन के दौरान नियुक्ति देने तथा चचेरे भाई सुमेर को 65 साल से अधिक होने के बाद भी नियुक्ति देेने के आरोप लगाए थे। संदीप उर्फ टोनी ने उच्चतर शिक्षा निदेशालय के उक्त आदेशों की प्रतियां देने के बाद कहा कि प्राचार्य के खिलाफ खेल सामान खरीद घोटाले की जांच आनी बाकी है।
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उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में शिक्षण संस्थाएं बंद होने क बावजूद भर्ती करना, ओवरएज हो चुके व्यक्ति को नियुक्ति देना तथा शैक्षिक योग्यता पूरी न होने से पहले ही लेक्चरर के पद पर नियुक्ति देना गंभीर मामला है। टोनी ने बताया कि इस मामले में अब वे हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर करेंगे।
आज ही मिले हैं आदेश, कल से हो जाएगी सेवा समाप्त
इस मामले में महिला महाविद्यालय के प्राचार्य आरपी सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आज वे छुट्टी पर हैं। ममता और समता लेक्चरर की सेवाएं समाप्त करने के आदेश उन्हें आज ही ई मेल से मिले हैं। आज तो दोनों बहने महाविद्यालय आई हैं। 21 दिसंबर से उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की है कि रेस्टोरर सुनीता को पिछले महीने नवंबर में हटा दिया गया है। जबकि सुमेर सिंह 30 अप्रैल 2021 के बाद से कॉलेज नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्चतर शिक्षा विभाग के जो भी आदेश होंगे, उन्हें तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा।
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