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32 स्वर्णकार गिरफ्तार, बाद में रिहा

Mon, 28 Mar 2016 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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प्रदर्शन, ट्रेन रोकने की कोशिश - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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करीब 25 दिनों से एक्साइज ड्यूटी के विरोध में और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे जिले के स्वर्णकार और सर्राफा व्यापारियों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के महेंद्रगढ़, अटेली और नांगल चौधरी आदि से आए व्यापारियों ने भी प्रदर्शन करने वालों का साथ निभाया और अपने हक की आवाज बुलंद की। सभी प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन तक पहुंच गए और ट्रेन रोकने की कोशिश भी की लेकिन प्रशासन ने व्यापारियों को ट्रेन नहीं रोकने दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 32 व्यापारियों को रेलवे स्टेशन के बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया। जिनको बाद में तहसीलदार ने जमानत पर छोड़ दिया। स्वर्णकारों के इस प्रदर्शन को देखते हुए, जिले भर में अनेक स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात रही।
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आम बजट में केंद्र सरकार ने सोने के आभूषणों पर एक प्रतिशत कर लगाने सहित अन्य मांगों के विरोध में नारनौल सर्राफा एसोसिएशन के सदस्य व जिला भर के स्वर्णकार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को स्थानीय आजाद चौक पर एकत्रित हुए। जहां से केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किला रोड और पीजी कालेज से होते हुए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़े, लेकिन वहां पहले से रेलवे पुलिस व स्थानीय पुलिस बल मौजूद था। वहीं प्रशासन की ओर से तहसीलदार ईश्वर सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में उपस्थित थे, वहीं पुलिस की ओर डीएसपी महेश कुमार मौके पर उपस्थित थे। जिन्होंने स्वर्णकारों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्वर्णकारों ने पुलिस प्रशासन से रेलवे स्टेशन के अंदर जाने की बात कही, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया। इस पर स्वर्णकारों ने पुलिस को अपनी गिरफ्तारी देने का फैसला किया। जिस पर डीएसपी महेश कुमार ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात तहसीलदार के आदेश पर सभी स्वर्णकारों के खिलाफ सीआरपीसी की धाराओं के तहत 107 व 151 का मामला दर्जकर कुल 32 स्वर्णकारों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिन्हें पुलिस बस में बैठाकर स्थानीय शहर थाना लाया गया। जहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार ईश्वर सिंह ने उन्हें जमानत दे दी।

सरकार के खिलाफ है रोष
विभिन्न मांगों को लेकर पूरे देश सहित जिला महेंद्रगढ़ के स्वर्णकार पिछले करीब 20-25 दिनों से लगातार अपनी दुकानें बंद कर अपना विरोध जता रहे है, लेकिन सरकार उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिस कारण स्वर्णकारों में केंद्र सरकार के खिलाफ भारी रोष बना हुआ है।
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कभी चाय तो कभी सब्जी बेचकर जता चुके विरोध
केंद्र सरकार द्वारा स्वर्णकारों की मांगे नहीं मानने के चलते नारनौल स्वर्णकार विभिन्न तरीकों से अपना विरोध जता चुके हैं। नारनौल स्वर्णकार समाज के लोगों ने पिछले कुछ दिनों से कभी सब्जी बेचकर तो कभी चाय बेचकर सरकार के खिलाफ अपना रोष जता रहे है। इसके अलावा नारनौल के स्वर्णकारों ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की शहर के बीचों-बीच से शव यात्रा निकालकर उनका पुतला भी फूंक चुके हैं। वहीं स्वर्णकार कई बार स्थानीय प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों को लेकर पीएम से सीएम के नाम ज्ञापन भी भेज चुके हैं।

गिरफ्तारी के डर से वापस मुड़े स्वर्णकार
ट्रेन रोकने के लिए जैसे ही नारनौल के स्वर्णकार रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्वर्णकारों एसोसिएशन के प्रधान श्रीराम सर्राफ ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार व पुलिस प्रशासन से उन्हें रेलवे स्टेशन के अंदर जाने देने या गिरफ्तार करने की मांग की। जिस पर पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार ईश्वर सिंह के आदेश पर स्वर्णकारों को गिरफ्तार कर पुलिस बस में बैठाना शुरू कर दिया। यह देखकर कुछ स्वर्णकारों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए वापस जाना ही बेहतर समझा और चुपके से वहां से निकल लिए। जिसके चलते पुलिस ने केवल 32 स्वर्णकारों को ही गिरफ्तार किया।

करोड़ों रुपये का व्यापार हो चुका है प्रभावित
जिला महेंद्रगढ़ से रोजाना करीब 10 से 15 करोड़ रुपये का व्यापार स्वर्णकार व सर्राफा करते हैं। ऐसे में 25 दिन में करोड़ों रुपये का व्यापार स्वर्णकारों का प्रभावित हो चुका है। इससे स्वर्णकार भी परेशान हैं। वहीं लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा आभूषण आदि के लिए लोग यहां-वहां भटक रहे हैं।
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