फोटो संख्या:73- सीहमा के निजी स्कूल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा सुनती महिलाएं--स्रोत-आय
महेंद्रगढ़। सीहमा के निजी स्कूल में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई गई।
बुधवार को कथा में मुख्य यजमान मनीष यादव व उनकी पत्नी सोनू देवी रहीं। कथा व्यास पंडित कुलदीप भारद्वाज ने भगवान की लीलाओं में श्रेष्ठतम रासलीला का वर्णन करते हुए बताया कि रास तो जीव का शिव के मिलन की कथा है। यह काम को बढ़ाने की नहीं काम पर विजय प्राप्त करने की कथा है।
रासलीला में जीव का शंका करना या काम को देखना ही पाप है। गोपी गीत पर बोलते हुए व्यास ने कहा जब इंसान में अभिमान आता है तो भगवान उससे दूर हो जाते हैं, लेकिन जब कोई भगवान को न पाकर विरह में होता है, तो श्रीकृष्ण उस पर अनुग्रह करते हैं। उसे दर्शन देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मिणी के साथ संपन्न हुआ। रुक्मिणी को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया।
उन्होंने बताया कि वीरवार को सप्तम दिन भगवान श्री कृष्ण-सुदामा, सुकदेव महाराज की विदाई की कथा सुनाई जाएगी। शुक्रवार को हवन के साथ कथा का समापन किया जाएगा। कथा के समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।