स्नातक के पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सातवीं बार मौका दिए जाने के बाद भी सीट नहीं भर सकी। सातवीं काउंसिलिंग में महज 38 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। उच्चतर शिक्षा विभाग ने यूजी की खाली सीटों को भरने के लिए 7 दिसंबर को पोर्टल खोला था। जिसमें बीए, बीकॉम, बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए 12 दिसंबर तक का मौका दिया गया था। महिला महाविद्यालय के बीकॉम में 160 में से 112 सीटें अब भी खाली हैं।
कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी की सीट सातवीं काउंसिलिंग के बाद भी नहीं भर सकी। खाली सीटों पर दाखिले के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने 12 दिसंबर 2020 तक ऑनलाइन फॉर्म भरने का अवसर दिया था। विद्यार्थियों को 12 दिसंबर तक ही फीस जमा करानी थी। फीस भरने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को अपने दस्तावेजों का तसदीकीकरण करवाना था। दाखिला लेने के लिए कॉलेज में दस्तावेजों की हार्ड कापी का सत्यापन कराना अनिवार्य किया गया है। इसके बिना दाखिला कंफर्म नहीं माना जाएगा ।महेंद्रगढ़ के पीजी कॉलेज, राजकीय महिला महाविद्यालय, कनीना के दोनों महाविद्यालयों में सीट खाली हैं।
राजकीय महाविद्यालय कनीना में कुल 1200 सीटों में से 896 भर चुकी हैं। बीए की 640 सीटों में से 118 खाली हैं। बीएससी नॉन मेडिकल की 320 सीटों में से 60 खाली हैं। बीएससी मेडिकल की 80 सीटों में से 23 सीटें खाली हैं। बीकाम की 160 सीटों में से 103 खाली हैं।राजकीय महिला महाविद्यालय उन्हानी में 320 सीटों में से 186 भरी हैं । बीएससी की 80 सीटों में से 56 भर चुकी हैं। बीए की 160 सीटों में से 118 पर दाखिला हो चुका है। बीकॉम की 80 सीटों में से महज 12 सीटें ही सकी हैं। कॉलेज में अब भी 42 प्रतिशत सीट खाली हैं।शनिवार को संपन्न हुई काउंसिलिंग में केवल 38 दाखिले हुए हैं।