राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट करने के विरोध में निवाज नगर के ग्रामीणों ने बुधवार को डीईओ कार्यालय में बच्चों समेत धरना देकर विरोध जताया। नाराज ग्रामीणों का कहना था कि एक पखवाड़े से प्राथमिक पाठशाला को गांव के ही सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है। स्कूल दूर होने के कारण छोटी बच्चियों की पढ़ाई बंद होने के कगार पर है।
इस बारे में डीईओ मुकेश लावणिया ने प्राथमिक स्कूल में शिक्षक भेजने का आश्वासन दिया था लेकिन बुधवार को भी कोई शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचा। नाराज ग्रामीणों ने बच्चियों को लेकर डीईओ कार्यालय पर धरना दिया। बीईओ सुनील कुमार द्वारा लिखित में आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
गांव निवाजनगर के राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने वाली बच्चियों को गांव के ही सीनियर सेकेंडरी स्कूल शिफ्ट कर दिया है। इस स्कूल तक जाने के लिए सड़क पार कर काफी दूर जाना पड़ता है। छोटी-छोटी बच्चियां होने के कारण हमेशा हादसा का भय बना रहता है। इस कारण परिजन अपनी बच्चियों को अकेले इतनी दूर स्कूल नहीं भेज सकते है।
वहीं वे भी सुबह जल्दी मेहनत मजदूरी के लिए घर से निकल जाते हैं। कन्या प्राथमिक पाठशाला में बच्चियों के घरों के नजदीक ही है। इस कारण परिजन अपनी बच्चियों को बेझिझक स्कूल में भेज देते थे लेकिन सीनियर सेकेंडरी स्कूल काफी दूरी पर पड़ता है।
डीईओ से मिलने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
इस मामले को लेकर ग्रामीण कई बार जिला शिक्षा अधिकारी से भी मिल चुके हैं लेकिन अभी तक प्राथमिक पाठशाला में पढ़ाई शुरू नहीं की गई। मंगलवार को ग्रामीण डीईओ मुकेश लावणियां से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग की गई। डीईओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बुधवार से प्राथमिक कन्या पाठशाला में स्टाफ भेजकर पढ़ाई शुरू करवा दी जाएगी। बुधवार को भी जब प्राथमिक पाठशाला में कोई अध्यापक नहीं पहुंचा तो सुबह बच्चों के अभिभावक और गांव के कई पंच छोटे-छोटे विद्यार्थियों के साथ नारनौल के हुडा कॉलोनी स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंच गए।
बीईओ से लिखित में लिया आश्वासन
बच्चों के साथ नारनौल पहुंचे अभिभावकों और पंचों को जब आफिस में डीईओ के नहीं होने की सूचना मिली तो वे बच्चों के साथ डीईओ कार्यालय के सामने ही धरना देकर बैठ। कुछ समय बाद शिक्षा कार्यालय के कर्मचारियों ने अधिकारी को इस मामले की सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे बीईओ सुनील कुमार ने ग्रामीणों की समस्या सुनी और ग्रामीणों और अभिभावकों को आश्वासन दिया कि प्राथमिक स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट करने के आदेशों को बदलकर छोटे बच्चों को प्राथमिक स्कूल में ही पढ़ाने के लिए शिक्षक भेज देंगे। बीईओ के लिखित आश्वासन के बाद गांव के पंच और अभिभावक बच्चों के साथ गांव लौटे।
35 सालों से चल रही प्राथमिक पाठशाला
पूर्व सरपंच और पंचों ने बताया कि निवाज नगर की कन्या प्राथमिक पाठशाला करीब 35 सालों से चल रहा है। वर्तमान में इस स्कूल में करीब 80 लड़कियां पढ़ रही हैं। 55 बच्चियां अकेले अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। प्राथमिक स्कूल के पास ही अनुसूचित जाति की बस्ती होने के कारण अभिभावक अपनी बच्चियों को स्कूल भेज देते हैं। करीब एक पखवाड़े पूर्व इस कन्या प्राथमिक पाठशाला को गांव के सेठ मुरलीधर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है। यह सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्राथमिक पाठशाला के भवन से काफी दूर है। वहां तक जाने के लिए गांव की मुख्य सड़क को पार करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार छोटे बच्चियों को सड़क पार करके स्कूल पहुंचने में ना केवल परेशानी होती है बल्कि हादसों का भी भय बना रहता है।
पढ़ाई शुरू नहीं हुई तो होगा आंदोलन
गांव के पूर्व सरपंच विनोद शर्मा, रमेश स्वामी ठेकेदार, कृष्ण सैनी, सुनील कुमार, राजेंद्र कुमार, किशन जोशी पूर्व पंच, विजय खत्री, मुकेश कुमार, सुरेश कुमार, राजेश कुमार, सूरजभान, कमल, ललित स्वामी, सुनीता पंच, ऊषा पंच, गीता पंच और कमल कुमार ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे दो दिन पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार लावणियां से मिले थे। उन्होंने 28 सितंबर से स्कूल में शिक्षक भेजने का आश्वासन दे दिया था। स्कूल में कोई अध्यापक नहीं पहुंचा तो उन्हें मजबूरी में बच्चों सहित डीईओ आफिस आना पड़ा है। बुधवार को बीईओ ने लिखित आश्वासन दिया है। अब भी प्राथमिक पाठशाला में पढ़ाई शुरू नहीं हुई तो मजबूरन कड़ा कदम उठाना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेवार स्वयं विभाग और प्रशासन होगा।