महेंद्रगढ़। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र सिसोठ में टीबी से बचाव के लिए एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सीएचओ डॉ. राहुल चौपड़ा ने की। संचालन स्नेह लता एएनएम ने किया।
डॉ. राहुल चौपड़ा ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी होने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं। चिकित्सक की सलाह पर एक्स-रे करवाएं व अपने बलगम की जांच करवाएं।
जांच के उपरांत टीबी की पुष्टि होने पर डॉट्स प्रणाली को अपनाए और टीबी की नियमित दवाई ले। उन्होंने बताया कि टीबी की बीमारी नियमित दवाई लेने से बिल्कुल ठीक हो जाती है। फेफड़ों की टीबी में छह माह दवा का पूरा कोर्स लेने से मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता हैं।
हड्डी की टीबी, गांठ वाली टीबी, पेट की टीबी आदि जिनको एक्स्ट्रा पलमानरी टीबी कहते हैं उसको पूरी तरह ठीक होने में 6 माह से अधिक समय लग सकता है।
स्नेहलता एएनएम ने उप स्वास्थ्य केंद्र के अधीन आने वाले गांव सिसोठ, भगडाना व पालड़ी की आशा कार्यकर्ताओं लिंग अनुपात में सुधार के लिए गर्भवती महिलाओं का 10 सप्ताह पूर्व रजिस्ट्रेशन करवाने और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने के बारे में जानकारी दी।
गांव में लिंग जांच संबंधी या अवैध गर्भपात करवाने संबंधी कोई जानकारी मिले तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को अवश्य दे ताकि उन पर विभागीय कानूनी कार्यवाही की जा सके।
कार्यक्रम में लिंग अनुपात में सुधार लाने व टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए अपने सरपंच का सहयोग लेने के बारे में बताया गया। बैठक में स्नेह एएनएम, आशा वर्कर कृष्णा देवी, संतोष, मोना, संजू, शर्मिला, ममता, अन्नू, सरोज मौजूद रही।