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30 हजार रुपये लेकर गाड़ी में करते थे भ्रूण लिंग जांच, डिकॉय पेशेंट भेजकर दो को पकड़ा

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भ्रूण लिंग जांच करते पकड़े गए आरोपी। - फोटो : Narnol
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नारनौल। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग की टीम ने भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक फर्जी डॉक्टर और एक निजी अस्पताल का ऑपरेशन सहायक है। नांगल चौधरी थाना पुलिस ने पीएनडीटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। नारनौल में करीब दो साल बाद इस तरह की कार्रवाई हुई है।
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सिविल सर्जन और जिला समुचित प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि बुधवार को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग नारनौल के आसपास के क्षेत्र में गाड़ी में भ्रूण लिंग जांच कर रहे हैं। इस पर जिला समुचित प्राधिकरण नारनौल ने टीम का गठन किया। इस टीम मेें उप सिविल सर्जन (पीएनडीटी) डॉ. अरुण कालरा, डीसीओ डॉ. हेमंत ग्रोवर, अतिरिक्त सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. हर्ष चौहान और कार्यालय सिविल सर्जन से संजीव शामिल थे। सिविल सर्जन ने बताया कि गिरोह को पकड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक डिकॉय पेशेंट और एक केयर टेकर तैयार की। भ्रूण लिंग जांच करने की बात 30 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निहालपुर निवासी जितेंद्र से मोबाइल से संपर्क किया। जिसने भुंगारका गांव के खेतों में राजस्थान बॉर्डर के पास आने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की डिकॉय पेशेंट तथा एक केयर टेकर 30 हजार रुपये लेकर उनकी बताई हुई जगह पर पहुंच गई। वहीं पर गाड़ी में लिटाकर, जैली लगाकर, प्रोब घुमाकर भ्रूण लिंग जांच किया और 30 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद कहा कि रिजल्ट एक घंटे में फोन पर बताएंगे कि आपके पेट में लड़का है या लड़की। पीछे-पीछे स्वास्थ्य विभाग की टीम भी नांगल चौधरी पुलिस के साथ वहां पहुंच गई। डिकॉय पेशेंट का इशारा मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस ने गिरोह को रंगे हाथों पकड़ लिया। निहालपुर निवासी जितेंद्र और विनोद निवासी हमीदपुर (गुप्ता अस्पताल नारनौल में ओटीए) है। आरोपी के साथ अन्य लोग थे कि नहीं यह जांच में पता चल सकेगा। यदि अन्य होंगे तो पूरा गिरोह हो सकता है।
यह सामान हुआ बरामद
टीम ने मौके से एक वायरलेस प्रोब बरामद किया है जो कि वाई फाई से कनेक्ट होकर मोबाइल फोन पर ईमेज भेजता है। साथ ही तीन मोबाइल फोन, एक जैली बोटल, 30 हजार रुपये नकद, एक आई 20 कार, व्हाट्सएप चैंटिंग जिसमें भ्रूण लिंग जांच के साक्ष्य मौजूद हैं, मौके से बरामद की। गिरोह को पकड़ने में डीपीएम संदीप कुमार, जिला आशा कोर्डिनेटर सुनीता, नांगल चौधरी ब्लॉक आशा कोर्डिनेटर सुभाष सिंह, आशा वर्कर मुनेश व पुलिस विभाग की टीम का पूरा सहयोग रहा। देर रात तक चली कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों व बरामद सामान को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
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एपल मोबाइल पर चीनी एप से होती थी जांच
मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों ने एपल मोबाइल पर एक चीनी एप डाउनलोड किया हुआ था। एपल मोबाइल से प्रोब चीनी एप से जुड़ जाता था। इसके बाद एप पर पिक्चर आने लगती थी। इससे लैपटॉप से भी जोड़ लेते थे, इससे पिक्चर बड़ी स्क्रीन पर आने लगती थी। बाद में इसकी जानकारी बाद में शेयर करते थे।
आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया, पहले भी दर्ज है केस
नांगल चौधरी थाना प्रभारी राज करण ने बताया कि आरोपियों पर केस दर्ज कर वीरवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जितेंद्र ने प्रोब मशीन समेत अन्य उपकरण खरीदा हुआ है। विनोद ही जांच कराने और ग्राहक लाने का काम करता था। प्रभारी ने बताया कि जितेंद्र समेत अन्य पर नारनौल के सिटी थाना में पीएनडीटी एक्ट में पहले भी केस दर्ज है। इस मामले में आरोपी ने टीम के साथ हाथापाई की थी। उन्होंने बताया कि दो दिन की रिमांड के दौरान अन्य जांचों के बारे में पूछताछ की जाएगी। जितेंद्र पहले फर्जी डॉक्टरी करता था और ड्राइवरी करने की बात कर रहा है। हालांकि पूरी सच्चाई पूछताछ के बाद आ पाएगी।
वर्जन
जिले में ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की कड़ाई से पालना की जा रही है। भविष्य में भी अगर कोई नागरिक ऐसे कार्यों में संलिप्त मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को चला रही है। लोगों का नजरिया भी अब बदलने लगा है लेकिन समाज में बहुत कुछ लोग हैं जो बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच रखते हैं।
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-आरके सिंह, उपायुक्त
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