फोटो संख्या:51- महेंद्रगढ़ के डुलाना रोड पर 11 एकड़ में बना जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
महेंद्रगढ़। नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में महेंद्रगढ़, जींद, फतेहाबाद और झज्जर के डायट केंद्रों पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्राें के निर्माण में 60 करोड़ का खर्च आएगा। हर केंद्र को 15 करोड़ का बजट आवंटित किया जाएगा। प्रथम चरण में महेंद्रगढ़ को 8 करोड़ का बजट आवंटित हो चुका है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
शैक्षिक उत्कृष्टता केंद्रों में आधुनिक सुविधा युक्त ऑडिटोरियम, डिजिटल कक्ष, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग आवासीय भवन बनेंगे। केंद्र में हर शिक्षक को आधुनिक तकनीक के साथ हर वर्ष न्यूनतम 50 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा में तकनीकि समावेश का उपयोग कर शिक्षकों को बेहतर बनाना है।
2026 से योजना शुरू करने का है लक्ष्य
केंद्र सरकार ने 2023-24 के बजट में प्रदेश के पहले सीओई के रूप में करनाल के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को स्वीकृति दी थी। इसके सकारात्मक परिणाम देखते हुए अब प्रदेश में चार जिलों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करने की मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार की ओर से योजना को वर्ष 2026 में धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में महेंद्रगढ़ को 8 करोड़ की राशि मिल गई है।
प्रदेशभर में हो सकेंगे इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स
चार जिलों में बनने वाले इन केंद्रों पर चार वर्षीय बीएड कोर्स शुरू होगा। इसमें हर संस्थान में 200-200 सीटें आवंटित होंगी। 12वीं के बाद विद्यार्थी इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे।
योजना के लिए ऐसे चुना गया इन केंद्रों को
केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेशभर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन किया गया। इसके आधार पर 70 से अधिक अंक हासिल करने वाले संस्थानों का चयन हुआ। इसमें स्टाफ की संख्या, मौजूदा सुविधाएं और आधारभूत ढांचे को ध्यान में रखा गया।
वर्जन -
-उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाने के लिए टेंडर प्रक्रिया विभाग के अधिकारियों की ओर से अमल में लाई जाएगी। इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
-सुनीलदत्त, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) महेंद्रगढ़।