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Mahendragarh-Narnaul News: अवैध खनन घोटाले में पूर्व सहायक खनन अधिकारी गिरफ्तार

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फोटो नंबर-10नारनौल कार्यालय में कार्रवाई करती विजिलेंस टीम। संवाद
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नारनौल। अवैध खनन से जुड़े एक बड़े घोटाले में विजिलेंस की टीम ने नारनौल के पूर्व सहायक खनन अधिकारी संजय सिंबरवाल को पंचकूला से गिरफ्तार किया है। उनपर आरोप है कि साल 2024 में पकड़े गए वाहनों से कम जुर्माना वसूलकर सरकारी राजस्व को लाखों रुपये की हानि पहुंचाई है।
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विजिलेंस की रेवाड़ी और नारनौल इकाइयों की संयुक्त टीम लंबे समय से इसकी जांच कर रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि खनन विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों ने वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के आदेशों की अनदेखी की।
जांच में यह भी सामने आया कि वाहन मालिकों से फर्जी शपथपत्र और गलत कीमत के दस्तावेज प्रस्तुत करवाए गए, जिन्हें विभागीय अधिकारियों ने बिना सत्यापन के स्वीकार कर लिया। कई मामलों में करीब 4 लाख रुपये तक के जुर्माने को घटाकर 2 लाख रुपये या उससे भी कम कर दिया गया।
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इस अनियमितता के चलते सरकार को लगभग 21 लाख रुपये की वित्तीय हानि पहुंची है। इस पूरे मामले में तत्कालीन खनन अधिकारी, सहायक खनन अभियंता, लिपिक सहित कुल 17 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
जांच एजेंसी ने साल 2024 में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। कार्रवाई करने वाली टीम में इंस्पेक्टर राजेश और एएसआई बीर सिंह भी शामिल थे। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
वर्जन:
सिंबरवाल से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जा सकती है। 17 में से 14 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दो अन्य आरोपी एमओ राजेंद्र और क्लर्क चंद्रशेखर अभी फरार हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।-अशोक कुमार, इंस्पेक्टर, एंटी करप्शन ब्यूरो
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