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जंगली जानवरों का कोहराम, 18 मेमने मारे, दस लापता

Sat, 21 Jan 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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जंगली जानवरों का आतंक
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नसीबपुर गांव की रामनगर कॉलोनी में शुक्रवार देर रात किसी जंगली जानवरों ने भेड़ के 18 बच्चों (मेमनों) को मार दिया जबकि दस बच्चे लापता हैं। जंगी जानवरों ने कुछ का थोड़ा बहुत मांस खाकर बाड़े में ही छोड़ दिया। जानवरों ने एक भेड़ को भी घायल किया है। इस हमले की घटना के बाद रामनगर, नसीबपुर, हुडिना और रामपुरा समेत आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोगों के अनुसार इस बार जंगली जानवर तेंदुआ न होकर गीदड़ या जरख बताया जा रहा है। शुक्रवार को यह जानवर गांव हुडिना रामपुरा के आसपास देखा गया। शनिवार को वाइल्ड लाइफ की टीम को एक गीदड़ जख्मी हालत में मिला है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भेड़ को बच्चों को मारने वाला हिंसक जानवर कौन सा है।  
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गांव नसीबपुर की रामनगर कालोनी की गली नंबर दो में शुक्रवार रात को मोहर सिंह पुत्र रामेश्वरदयाल के पशु बाड़े में देर रात हिंसक जंगली जानवर घुस गया। उत्पात मचाकर 18 मेमनों को मौत के घाट उतार दिया। एक भेड़ को घायल कर दिया। इस हमले के बाद बाड़े से भेड़ के 10 मेमने लापता हैं। पीड़ित ने बताया कि वह हर रोज बाड़े में सोता है लेकिन शुक्रवार को उसकी तबीयत खराब होने के कारण कुछ ही दूरी पर स्थित घर में सोया था। सुबह जब बाड़े में गया तो मेमनों लाशों का ढेर लगा था। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मारे सभी मेमनों को गर्दन से घायल कर मारा गया था। एक भेड़ के गर्दन में भी निशान है। पीड़ित ने बताया कि उसके बाड़े में भेड़ों के साथ 30 मेमने भी बंद थे। इनके साथ बंद बकरी के बच्चों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। गिनती करने पर 18 मेमने मरे मिले, दो जीवित थे और 10 मेमने बाड़े से लापता मिले हैं।

पशुपालन विभाग की टीम पहुंची मौके पर
घटना की सूचना पाकर महावीर चौक पुलिस चौकी प्रभारी एसआई नवल किशोर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। इसकी सूचना वन्य जीव प्राणी विभाग को दी साथ ही चिकित्सकों को भी इसकी जानकारी दी गई। चिकित्सक और वन्य जीव प्राणी विभाग से इंस्पेक्टर बाबूलाल मौके पर पहुंचे और पंजों के निशानों की जांच की। टीम ने कुत्ते के पैरों के निशान होने की बात कही लेकिन टीम ने अंदेशा भी जताया है कि जिस तरह जानवरों की मौत हुई है इसमें हिंसक जानवर भी हो सकता है। वहीं टीम ने पंजों के निशानों की फोटो और विडियो ली है। पशुपालन विभाग से चिकित्सक महेंद्र सिंह ने मरे जानवरों का पोस्टमार्टम किया। दूसरी तरफ गांव हुडिना के पास शनिवार को वाइल्ड लाइफ की टीम को एक गीदड़ जख्मी हालत में मिला है। पशु चिकित्सकों से जख्मी गीदड़ का उपचार कराया जा रहा है।
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प्रथम दृष्टया बाड़े के आसपास कुत्तों के पंजों के निशान मिले हैं। मगर कुत्ते गर्दन को नहीं काटते। इसकी जांच की जाएगी कि किसी प्रकार के जानवर के यह निशान हैं। - बाबूलाल, इंस्पेक्टर, वन्य जीव प्राणी विभाग

नसीबपुर के रामनगर में भेड़ के बच्चे किसी हयाना या तेंदुए ने नहीं मारा है। यह कुत्तों का काम भी हो सकता है। हुडिना रामपुरा के पास एक गीदड़ अवश्य जख्मी हालत में मिला है। उसका उपचार कराया जा रहा है। - सुनील कुमार, इंस्पेक्टर वाइल्ड लाइफ, नारनौल

गांव के जसवंत नामक व्यक्ति ने शुक्रवार सुबह एक गीदड़ जैसा जंगली जानवर को देखा था। इसकी सूचना उन्होंने वन प्राणी विभाग को भी दी थी। - नरेश कुमार, सरपंच रामपुरा
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