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जंगली जानवर ने हमला कर महिलाओं को किया घायल

Wed, 22 Feb 2017 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पिछले डेढ़ महीने में क्षेत्र के गांवों में आतंक मचा रहे जंगली जानवर ने मंगलवार को दो महिलाओं पर हमला कर पैर पर काट लिया है। दोनों महिलाएं बुरी तक जख्मी हो गईं जिन्हें उनके परिजनों ने सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया जहां पर चिकित्सकों ने उपचार करने के बाद घर भेज दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन रेंज अधिकारी प्रवीण कुमार ने घटना स्थल का जायजा लिया। ग्रामीण इससे तेंदुआ बता रहे हैं जबकि वन विभाग ग्रामीणों द्वारा बताई गई आकृति अनुसार जरख बता रहे हैं। इस घटना से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। इस दौरान ग्रामीणों ने करीब दो घंटे खेतों में सर्च अभियान चलाया जहां पर जंगली जानवर नहीं मिले लेकिन उसके पंजें विभिन्न स्थानों पर देखे गए।  
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 गौरतलब है कि गांव सिसोठ की ढ़ाणी निवासी सोनम पत्नी कुलदीप एवं उसकी सास भतेरी पशुओं के लिए घास लेने खेत में गई थी। उस समय जंगली जानवर वहीं खड़ा था जब वो घास काटने लगी तो इस दौरान जानवर ने सोनम पर हमला बोल दिया और उसके दायें पैर को काट लिया। उसकी सास भतेरी ने जानवर को दराती मार कर भगाने का प्रयास किया उसके बाद वहां से भाग पाईं। इसके बाद आगे चलकर घास काट रही गांव कुराहवटा निवासी कमलेश पत्नी राजबीर (30) पर हमला कर दिया और उसको भी पैर पर काट कर घायल कर दिया। दोनों को ही महेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल लाया गया। जानवर द्वारा काफी दूर में उनका मांस नोचने के कारण चिकित्सक ने उनको 10-12 टाकें लगाए हैं।

डेढ़ महीने से घूम रहा है गांवों में
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से यह जानवर गांवों में घूम रहा है लेकिन अभी तक वन विभाग द्वारा यह जानवर पकड़ा नहीं गया है। यह जानवर कोथल कलां, खेड़ा, देवास, चितलांग, मेघनवास, बवानियां, भगडाना, नांगल माला, डिगरोता आदि गांवों में देखा जा चुका है। यह जानवर एक गांव पिल्लों को भी खा चुका है। कई बार इसकी शिकायत वन विभाग को दी जा चुकी है अभी तक यह पकड़ में नहीं आया है।
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तेंदुआ नहीं जरख है
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वन रेंज अधिकारी प्रवीण कुमार को प्रत्यक्षदर्शियों ने उसके रंग रूप के बारे में बताया। प्रवीण कुमार ने बताया कि जरख जर्मन सेफर्ड कुत्ते जैसा होता है उसका मुंह आगे से लंबा होता है तथा पीठ पीछे से ढ़लवा होती है। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ अरावली क्षेत्र में 7-8 जरख हैं जो पहाड़ियों में घूमते रहते हैं। उन्होंने बताया कि अरावली श्रेणी में भूरे भेड़िया, हिरण, जरख, खरगोश आदि जंगली जानवर रहते हैं।

जंगली जानवर को मारने पर है 7 साल की कैद
वन रेंजर अधिकारी प्रवीण ने बताया कि कोई भी व्यक्ति वन्य जीव को मार नहीं सकता है। अगर कोई ऐसा करता पाया जाता है तो वन्य प्राणी सरंक्षण अधिनियम 1972 के तहत कम से कम 2 साल तथा अधिकतम 7 साल कैद सजा का प्रावधान है।
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गांव में जंगली जानवर द्वारा एक महिला पर हमला कर देने से भय का माहौल बना हुआ है। इसकी सूचना वन अधिकारी को दी थी वन अधिकारी ने मौका मुआयना किया है, अधिकारी से मांग की गई है कि जल्द से जल्द इस जंगली जानवर को पकड़ा जाए ताकि किसी और पर वह हमला न कर सके। --विजय सिंह- सरपंच सिसोठ
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मैं और मेरी पुत्र वधु सोनम पशुओं के लिए घास लेने के लिए गई थीं और वहां पहले से ही जंगली जानवर खेत में खड़ा था। हम घास काटने लगे तभी उसने सोनम के पैर को पकड़ लिया जिससे वह घायल हो गई। मैंने उसको बचाने का भी प्रयास किया, उसको कई दराती मारी तब जाकर छोड़ा, तभी हम वहां से भागकर हमने जान बचाई। -भतेरी देवी
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गांव जंगली जानवर आया था। खेत में सोनम को उसने पैर पर काट लिया। इस घटना से गांव में भय का माहौल बना हुआ है। पिछले डेढ़ महीने से जब यह जानवर घूम रहा था तो विभाग को पहले ही पकड़ लेना चाहिए था अगर पकड़ लेते तो आज ये दोनों घटनाएं नहीं होतीं।  हमने आज वन विभाग से इसको पकड़ने की मांग की है ताकि किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचा सके। -बीर सिंह


वर्जन:
इस जानवर को पकडने के लिए गांव खेड़ा में प्रयास किए गए थे वहां यह एक गुफा में बैठा था जब प्रशासन की टीम वहां पहुंची तो किसी लडक़े पत्थर मार दिया जिससे वह भाग गया। इस समय फसलें बड़ी-बड़ी होने के कारण वह दिखाई नहीं देता इसलिए पकडनें में काफी दिक्कतें आ रही हैं। ------प्रवीण सैनी---रेंजर अधिकारी।
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