फोटो संख्या:58- देवास जलघर के टैकों में छोड़ा गया पानी--संवाद
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महेंद्रगढ़। जिले को जेएलएन नहर के माध्यम से तीन दिन से मिल रहे पानी से काफी हद तक राहत मिली है। जिलेभर की छोटी-बड़ी 65 नहरों के माध्यम से 37 बड़े जलघर पानी से 50 प्रतिशत भर चुके हैं, हालांकि अभी पानी नियमित मिलने के बाद ही क्षेत्र में नियमित पेयजल आपूर्ति की जा सकेगी।
शहर की 80 हजार की आबादी को नियमित पेयजल आपूर्ति के लिए गांव देवास में बनी जल परियोजना के चार में से दो टैंकों भरे जा चुके हैं। दो टैंक भी 50 प्रतिशत भर चुके हैं। साल्हावास स्थित जेएफ-2 पंप हाउस से महेंद्रगढ़ जिले में दो दिनों से 650 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रत्येक पंप हाउस से छोटी नहरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों में पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं जिम्मेदारों का दावा है कि एक सप्ताह तक जेएलएन नहर में नियमित पानी की आपूर्ति जारी रहेगी।
प्रथम चरण में शहर और बड़े कस्बों में पानी की आपूर्ति के लिए बने 37 जलघरों के टैंकों को लबालब किया जाएगा। जिले को मिल रहे 650 क्यूसेक पानी का नहरों के माध्यम से समान रूप से वितरण किया जा रहा है। महेंद्रगढ़ शहर की करीब 80 हजार की आबादी को प्रतिदिन छह लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन जब तक देवास जल परियोजना के चारों टैंकों को भरा नहीं जाएगा तब तक एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति का क्रम जारी रहेगा।
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- वर्जन:
इस समय जेएलएन नहर में दो दिनों से पानी मिल रहा है। प्रथम चरण में क्षेत्र के जलघरों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। नियमित आपूर्ति होती रही तो तीन-चार दिनों में जलघरों को भरकर नियमित आपूर्ति शुरू की जाएगी। यदि जेएलएन नहर में आपूर्ति बंद होती है तो एक दिन छोड़कर एक दिन आपूर्ति होती रहेगी।- जीयराम, उपमंडल अधिकारी जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।