प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व एक हजार के नोट बंद किए जाने की घोषणा को एक सप्ताह हो गया लेकिन बैंकों में पैसे बदलवाने, पैसे निकलवाने व जमा करवाने के लिए लगी लोगों की की लंबी-लंबी लाइनें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को भी सुबह से शाम तक शहर के विभिन्न बैंकों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देखी गई। बुधवार को तीन-चार बैंकों के एटीएम भी चले, फिर भी लंबी लाइनें होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। हालांकि सरकार ने नोट बदलवाने को लेकर कई नए नियम जारी किए हैं, लेकिन उनका यहां कोई असर नहीं दिखा।
नोटबंदी के बाद से लोगों में नोट बदलवाने, निकलवाने व जमा कराने के लिए हड़कंप सा मचा हुआ है। एक सप्ताह से बैंकों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। बुधवार को भी नारनौल शहर के महेंद्रगढ़ रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, यश बैंक, आईसीआईसी बैंक, सिंडिकेट बैंक, ओरियंटल बैंक व एचडीएफसी बैंक के बाहर व अंदर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें देखी गई। कई बैंकों में करेंसी का अभाव भी देखा गया। जिसके कारण लोगों को कहीं पांच तो कहीं दो हजार रुपये ही निकल पाए।
बुधवार को खुले तीन-चार एटीएम
बुधवार को शहर में महेंद्रगढ़ रोड पर तीन पटियाला बैंक, आईसीआईसी बैंक व एचडीएफसी बैंक के एटीएम खुले रहे। जिनसे पैसे निकलवाने वालों की लंबी कतारें लगी रही। वहीं रेवाड़ी रोड पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा निजामपुर रोड पर बैंक ऑफ बड़ोदा की ब्रांच का एटीएम भी खुला हुआ था।
कई बैंक दिखे खाली-खाली
बुधवार को जहां मुख्य बैंकों में सुबह से भीड़ देखी गई, वहीं कई ऐसे बैंक भी थे, जो दोपहर बाद खाली नजर आए। इन बैंकों में मोहल्ला जमालपुर स्थित यूनियन बैंक आफ इंडिया, रेवाड़ी रोड स्थित स्टेट बैंक आफ बिकानेर व जयपुर, निजामपुर रोड स्थित कारपोरेशन बैंक, महेंद्रगढ़ रोड स्थित इलाहाबाद बैंक व सिंघाना रोड स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक शामिल हैं।
नहीं लगाई कहीं भी स्याही
सरकार ने बैंकों में बार-बार आकर करेंसी चेंज करवाने वालों पर लगाम लगाने के लिए सरकार की स्याही लगाने की योजना के तहत नारनौल में बुधवार को किसी भी व्यक्ति के स्याही नहीं लगाई गई। वहीं एक्सचेंज करते समय बैंक कर्मी सावधानी जरूरत बरतते दिखाई दिए।
-लाकर हो रहे हैं संचालित
बढ़ती भीड़ के बीच बैंकों में लाकर संचालित भी हो रहे हैं। बुधवार को विभिन्न बैंकों का दौरा किया गया तो पाया कि वहां कई लोग लाकर भी संचालित करने आए थे। जिनको बैंक कर्मी अपने लाकर तक निर्धारित नियमों के अनुसार चेक करने दे रहे थे।
सोचा था कि बुधवार को भीड़ कम हो जाएगी, लेकिन भीड़ कम नहीं हो पाई। जिससे पैसे निकालने में काफी परेशानी हो रही है।---राकेश गर्ग
वैसे तो प्रधानमंत्री की यह योजना बहुत सही है, मगर पहले 500 व एक हजार के नए नोट जारी करने चाहिए थे। अब खुले पैसों की कमी होने से परेशानी हो रही है।-सुशील कुमार
बैंकों में सुबह से शाम तक पैसे निकलवाने व जमा करवाने वालों की भीड़ लगी है। मैं भी सुबह बैंक गई थी लेकिन दोपहर बाद नंबर आया।---पुष्पा देवी