नारनौल। नांगल चौधरी क्षेत्र के पांच गांवों में चार-चार एकड़ में स्टोरेज टैंक का निर्माण किया जा रहा है। इनका कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा भी सिंचाई विभाग की तरफ से कई गांवों में स्टोरेज टैंक बनाकर नहरी पानी से भरा जा चुका है। जिनसे किसान अब सरसों व गेहूं की फसल में पानी दे रहे हैं। अब नांगल चौधरी के बनिहाड़ी, सिरोही बहाली, भुंगारका, गोठड़ी और ढाणी बिसना (नायन) गांव में पानी का टैंक बनाए जा रहे हैं।
एक या दो माह में टैंक बनकर तैयार होने की संभावना है। इसके बाद मानसून के सीजन में पांचों स्टोरेज टैंकों को बरसाती पानी से भर दिया जाएगा। टैंक बनने से भूजल स्तर में तो सुधार होगा ही, साथ ही किसान भी टैंक के पानी से रबी फसल की खेती कर सकेंगे। इसके लिए किसान को ड्रिप प्रणाली का सहारा लेना होगा। क्याेंकि ड्रिप प्रणाली से खेत में पानी देने से आसानी से फसल में दो बार पानी दिया जा सकेगा।
नांगल चौधरी में पांच स्टोरेज टैंकों का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिस पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च होगा। वाटर टैंक बनिहाड़ी, सिरोही बहाली, भुंगारका, गोठड़ी और ढाणी बिसना (नायन) में बनाए जा रहे हैं। इन वाटर टैंकों में नोलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी से जोड़ा जाएगा। जहां से पाइप लाइन डाली जाएगी, जिससे बरसात के सीजन में इन वाटर टैंकों को भरा जाएगा।
बनिहाड़ी, सिरोही बहाली, भुंगारका, गोठड़ी और ढाणी बिसना (नायन) में वाटर टैंक बनने से 1250 से 1500 एकड़ में किसान आसानी से दो बार सिंचाई कर सकेंगे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक टैंक से किसान 250 से 300 एकड़ में आसानी से दो बार सिंचाई कर सकेगा। इसके लिए ड्रिप प्रणाली का किसानों को प्रयोग करना होगा। इन टैंकों के बनने से पांचों गांवों की करीब 50 हजार आबादी को फायदा होगा।
वर्जन :
नांगल चौधरी क्षेत्र के बनिहाड़ी, सिरोही बहाली, भुंगारका, गोठड़ी और ढाणी बिसना (नायन) में 22 करोड़ की लागत से पानी के 5 टैंकों का निर्माण कार्य चल रहा है। जिन्हें जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
-अशोक यादव, एसडीओ, सिंचाई विभाग, नारनौल।