फोटो 08 पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। पुलिस
नारनौल। साइबर पुलिस टीम ने बैंक खाते को संदिग्ध लेन-देन से फ्रीज करने वाले कोरियावास के कृष्ण व मनोज, मुंडीया खेड़ा के आदित्य, सलूणी के युवराज और मंडलाना के जतिन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस प्रवक्ता सुमित ने बताया कि शहर के सुमन फ्यूल पेट्रोल पंप के प्रोपराइटर विकास कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि 24 नवंबर 2025 को मेघपुर राजस्थान के नवीन ने उसके पेट्रोल पंप पर 35,780 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया और मजबूरी बताकर पंप के सेल्समैन से बदले में नकद राशि ले ली। इसके कुछ दिन बाद पेट्रोल पंप का बैंक खाता होल्ड हो गया।
जांच करने पर पता चला कि उक्त ट्रांजेक्शन के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर गुजरात में डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज है, जिसके चलते यह खाता फ्रीज किया गया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर पुलिस ने शनिवार देर रात पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी कमीशन के आधार पर काम करते थे। गिरफ्तार आरोपी कृष्ण के खाते में फ्रॉड की राशि सीधे प्राप्त हुई थी और उसके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से ही 3 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। ठगी की रकम को नारनौल और जयपुर के विभिन्न एटीएम से निकाला गया था।
वहीं, गिरोह का एक अन्य सदस्य युवराज इसी वर्ष करनाल में साइबर ठगी के मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। युवराज मुख्य रूप से साइबर ठगी में प्रयोग करने के लिए लोगों से बैंक खाते खरीदने और उन्हें आगे सप्लाई करने का काम करता है।