महेंद्रगढ़। तीन जनवरी से चल रही दी रिवेन्यू पटवारी व कानूनगो हड़ताल के चलते सोमवार को तहसील कार्यालय सुनसान पड़ा है। तहसील कार्यालय में ऑनलाइन जमाबंदी के माध्यम से सोमवार को पांच रजिस्टरी हुई। पटवारियों के हड़ताल के बावजूद अब तक कुल 161 रजिस्ट्री हो चुकी है। रजिस्टी को छोड़कर बाकी अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पटवारियों द्वारा हड़ताल तीन दिन ओर बढ़ाने से लोगों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तीन जनवरी से लेकर अब तक में सरकार को भी करीब 3.50 करोड़ रुपये के राजस्व का फटका लग चुका है। वहीं अब आगामी 10 जनवरी तक हड़ताल की घोषणा की हुई है, जिसके कारण लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल के चलते महेंद्रगढ़ जिले में 20 से 25 हजार लोगों के प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेजों की प्रक्रिया लंबित चल रही है। इनमें से करीब पांच हजार लोगों के रिहायशी प्रमाण पत्र, एससी व बीसी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस, करीब 18 हजार लोगों के नकल सत्यापन, इंतकाल, दो हजार लोगों के लोन चढ़ाने व उतारने सहित अन्य किसी भी प्रकार के कार्य नहीं हो पाए।
प्रधान सुनील तंवर ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में 55 पटवारी, 11 काननूगो तथा पांच कार्यालय कानूनगो कार्य कर रहे है। सोमवार को क्लेरिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान दिनेश यादव ने अपने साथियों के साथ धरना स्थल पर पहुंच कर अपना समर्थन दिया। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की अनुशंसा होने के बाद भी, वित्त विभाग द्वारा पूरा गणित लगाने के बाद आश्वासन दिया गया था की आपके वेतन की विसंगतियों को जल्द दूर किया जाएगा। मगर बार बार झूठे आश्वासन मिलने के बाद ही यह रास्ता अपनाना पड़ा है। सरकार द्वारा पटवारी कानूनगो की वेतन के साथ-साथ नायब तहसीलदार की परीक्षा का आयोजन न किया जाना, गिरदावरी का समय और समयावधि का बदलना, विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी न किया जाना, गिरदावरी सहायकों का सम्मान भत्ता न दिया जाना, पटवारियों की स्थाई भर्ती न किया जाना जैसी अनेकों समस्याएं है।