महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की ओर से दक्षिण एशिया से अंतरराष्ट्रीय प्रवासन परिप्रेक्ष्य और नीतियां विषय पर पांच दिवसीय ज्ञान पाठ्यक्रम (ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ अकादमिक नेटवर्क्स) की सोमवार को शुरुआत की गई।
ज्ञान पाठ्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने किया। कुलपति ने विश्वविद्यालय के वैश्विक अकादमिक सहभागिता की दिशा में कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। पाठ्यक्रम समन्वयक एवं समाजशास्त्र विभाग में सहायक आचार्य डॉ. रीमा गिल ने कहा कि ज्ञान पाठ्यक्रम का उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से जोड़कर शिक्षण और शोध की गुणवत्ता बढ़ाना है। यह पहल शैक्षणिक संसाधनों के विस्तार, सुधारों के प्रोत्साहन और वैश्विक स्तर पर भारत की अकादमिक स्थिति को सशक्त बनाने की दिशा में मददगार है। यह पाठ्यक्रम दक्षिण एशिया से प्रवासन के विभिन्न पहलुओं को लेकर समावेशी संवाद और शोधपरक समझ को बढ़ावा देगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट ऑफ स्कॉटलैंड की डाॅ. राधा अधिकारी ने पहले दिन 21वीं सदी में दक्षिण एशियाई प्रवासन वर्तमान प्रवृत्तियां और चिंताएं विषय पर व्याख्यान दिया। विशेषज्ञ पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व प्रो. प्रो. राजेश गिल ने जातीयता, पहचान और प्रवासन दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य, उपभोक्तावाद और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन विषय पर संबोधित किया। प्रो. पायल चंदेल ने ज्ञान आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर डॉ. युधवीर, प्रो. गुंजन गोयल, प्रो. नंद किशोर, डॉ. अभिरंजन कुमार उपस्थित रहे।